ZEE जानकारी: क्या भारतीयों को अश्लीलता की लत लग गई है?

ZEE जानकारी: क्या भारतीयों को अश्लीलता की लत लग गई है?

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अहिंसा के पुजारी थे लेकिन वो कहते थे कि अगर आपके दिल में ज़रा सी भी हिंसा है तो आपको अहिंसक होने का दिखावा नहीं करना चाहिए क्योंकि अहिंसक होने का नाटक करने वाला इंसान कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकता है क्योंकि वो अपना असली चेहरा छिपाकर रखता है. भारतीय इस बात पर गर्व करते हैं कि हम सब महात्मा गांधी, भगवान बुद्ध और महावीर जैसे महापुरुषों द्वारा दिखाए गए अहिंसा के रास्ते पर चल रहे हैं . लेकिन आज के दौर में ये बात बिल्कुल भी सच नहीं है . भारत के लोग सिर्फ सड़कों पर ही हिंसा नहीं कर रहे हैं . बल्कि ज्यादातर भारतीयों के मन और मस्तिष्क में भी सिर्फ और सिर्फ हिंसा और विशेषकर यौन हिंसा Trend कर रही है.

हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर के साथ चार लोगों ने गैंग रेप किया था लेकिन क्या आपको पता है कि करोड़ों भारतीय उस घिनौने अपराध के वीडियो को Internet पर लगातार Search कर रहे हैं. ये इसलिए हो रहा है क्योंकि हमारे समाज का एक बड़ा हिस्सा मानसिक रूप से विकृत हो चुका है . य़े वो लोग हैं जिनके सामने से हमारे परिवारों की महिलाएं हर रोज़ बेखबर गुजरती होंगी . इसलिए आप सोचिए कि ये कैसा समाज है जहां पिछले एक हफ्ते से हैदराबाद की बलात्कार पीड़ित महिला के नाम को Porn Websites पर सर्च किया जा रहा है .

ऐसी ही एक Website पर पीड़ित महिला का नाम Top Trend में है और उससे जुड़े वीडियो को अब तक 80 लाख लोग खोजने की कोशिश कर चुके हैं. ये आंकड़ा सिर्फ एक Porn Website का है जबकि भारत के लोग अश्लील सामग्री देखने के लिए 800 से ज्यादा Websites का प्रयोग करते हैं. आप अंदाज़ा लगाइए कि अगर एक Website पर विकृत मानसिकता के 80 लाख लोग एक महिला के साथ हुए बलात्कार का वीडियो देखना चाहते हैं तो बाकी सभी WebSites पर ऐसे Videos ढूंढने वालों की संख्या कितनी होगी. क्या एक अश्लील वेबसाइट पर पीड़ित का वीडियो ढूंढने वाले 80 लाख लोगों को आप बलात्करी नहीं कहेंगे? ये भारत के लोगों का दोहरा चरित्र है क्योंकि ये लोग बलात्कार के खिलाफ धरने पर भी बैठते हैं और Internet पर बलात्कार के Videos भी तलाशते हैं . इसलिए आज इस बीमार सोच का विश्लेषण करना ज़रूरी है .

भारत में 827 Porn Websites पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है लेकिन इनमें से 42 प्रतिशत यानी 345 Websites अभी भी Internert पर उपलब्ध है और जो WebSites उपलब्ध नहीं है उन तक पहुंचना भी भारतीयों के लिए बाएं हाथ का खेल बन चुका है. भारतीय ऐसा क्यों और कैसे कर रहे हैं ये हम आपको आगे बताएंगे लेकिन ज़रा आप सोचिए कि जिस देश में संस्कारों की इतनी बड़ी बड़ी बातें की जाती हैं. महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है. रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है, कन्या पूजन होता है. उस देश के लोगों की मानसिकता आखिर इतनी विकृत कैसे हो गई है . इस बात की संभावना बहुत प्रबल है कि सुबह आपको Good Morning संदेश भेजने वाला व्यक्ति इस वक्त भी Porn Videos ढूंढ रहा हो.

भारत में सुबह से WhatsApp और दूसरे सोशल मीडिया Platforms पर लोग Good Morning के शुभ संदेश भेजते हैं लेकिन शाम होते होते करोड़ों भारतीय Porn प्रेमी बन जाते हैं और महिलाओं के खिलाफ की गई हिंसा के दृश्यों को Search करते हैं . यानी जिस देश में कभी संस्कार Trend किया करते हैं..वहां अब महिलाओं के साथ यौन हिंसा, बलात्कार और उत्पीड़न से जुड़ी सामग्री को धड़ल्ले से Download किया जा रहा है . लोग इसी सामग्री को एक दूसरे के साथ Share कर रहे हैं . तड़पती हुई, रोती हुई और बेबस महिलाओं की चीखों में लोग एक घटिया किस्म का आनंद ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं . इसलिए ज़रा ध्यान दीजिएगा कि कहीं ये वही लोग तो नहीं हैं..जो सुबह आपको जय माता दी के संदेश भेजते हैं और रात में हिंसात्मक Porn देखने लगते हैं .  

दिसंबर 2012 में जब निर्भया के साथ सामुहिक दुष्कर्म हुआ था, तब भी Internet पर उससे जुड़े Videos को ढूंढा जा रहा था और उसके बाद से तो ये घिनौनी मानसिकता एक चलन में बदल गई है. अलवर गैंग रेप, कठुआ गैंगरेप, उन्नाव गैंगरेप और अब हैदराबाद गैंग रेप के Videos लोग Porn Sites पर खोजने की कोशिश कर रहे हैं. निर्भया केस के बाद से लेकर वर्ष 2017 तक भारत में 1 लाख 76 हज़ार से ज्यादा रेप हो चुके हैं लेकिन हमें लगता है कि भारत में बलात्कारियों की संख्या लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में हो सकती है क्योंकि जो लोग इन वारदातों में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं. वो भी इस हिंसा के गवाह बनना चाहते हैं और इसके लिए ये करोड़ों लोग Internet और Porn Websites की मदद ले रहे हैं. काश ऐसे लोगों की पहचान कर पाना मुमकिन होता. इस बात की आशंका बहुत ज्यादा है कि आपके आस-पास हर वक्त कोई ना कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद रहता हो...जो हिंसात्मक Pornography का आदी हो और आपको शिकार बनाने की फिराक में हो.

आपको हमारी बातें डरावनी लग रही होंगी लेकिन लगातार विकृत होते हमारे समाज में ये सभी डर..सही साबित हो रहे हैं. इंटरनेट पर अश्लील सामग्री देखने के मामले में भारतीय दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं..भारत से ज्यादा Porn सिर्फ अमेरिका और ब्रिटेन के लोग देखते हैं . और इससे भी ज्यादा डरावनी बात ये है कि Porn देखने वाले 80 प्रतिशत भारतीयों की उम्र सिर्फ 30 से 34 वर्ष के बीच है. 86 प्रतिशत भारतीय..अपने मोबाइल फोन पर ही..अश्लील सामग्री देखते हैं, DownLoad करते हैं और उसे Forward या Share करते हैं . यानी युवाओं का ये शक्तिपुंज..अपनी सारी ऊर्जा सिर्फ हिंसा और अश्लीलता पर खर्च कर रहा है.

ये आंकड़े भारत के तथाकथित संस्कारी समाज को आईना दिखाने के लिए काफी हैं लेकिन ये तो हमारे विश्लेषण की सिर्फ शुरुआत है . हमने आज जब भारत में Google Trends का विश्लेषण किया तो हैरान कर देने वाले आंकड़े हासिल हुए. Google Trends के ज़रिए ये पता लगाया जा सकता है कि Internet पर एक विषय को लेकर लोग कितनी रुचि दिखा रहे हैं . जिस हफ्ते.. हैदराबाद की घटना के बाद...पूरा देश गुस्से से उबल रहा है. उस हफ्ते भारत में Porn सामग्री ढूंढने के Trend में सबसे ज्यादा तेज़ी आई है . शून्य से सौ की Scale पर मापा जाए तो Porn से जुड़ी Search. 100 की Scale पर है..यानी Peak पर है और Gang rape को लेकर भी Google पर होने वाली Search इस वक्त अपने चरम पर है.

ये आंकड़े इसी हफ्ते के हैं. यानी जब पूरे देश में महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं, लोगों में रोष है, लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं. उसी वक्त देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा..इसी हिंसा को मनोरंजन की तरह देख रहा है. 

हम अक्सर DNA में आपको बुराइयों से सावधान करते हैं और आपको इनसे बचने के तरीके भी बताते हैं . लेकिन आज हमें ये कहते हुए अफसोस हो रहा है कि इस Trend को बदलने का सबसे कारगर तरीका हमारे पास भी नहीं..इसके लिए आपको खुद सजग होना होगा, सिर्फ Porn पर प्रतिबंध लगाया जाना समस्या का हल नहीं है. जब तक हमारे जीवन में संस्कारो की FireWall को Active नहीं किया जाएगा . ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा . हर व्यक्ति महिलाओं का सम्मान करे ऐसी प्रथा को Download करना होगा और इस प्रथा को हिंसा और अत्याचार के Virus से बचाना होगा .

लेकिन ऐसा कर पाना आसान नहीं है क्योंकि लोगों के Mobile Phones में ही नहीं. उनके मन और मस्तिष्क में भी हिंसा और अश्लीलता Trend कर रही है . Google के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018 में भारतीयों ने Cricket, Bollywood और खाने से भी ज्यादा अश्लील Content Search किया था. अश्लील सामग्री और Gang rape के सबसे ज्यादा videos. उत्तर पूर्व और उत्तर भारत के राज्यों में Search किए जा रहा हैं . इन राज्यों में  मिज़ोरम, नागालैंड और मणिपुर टॉप पर है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात भी Internet पर अश्लील सामग्री ढूंढने वाले Top-10 राज्यों में है.

भारतीयों ने वर्ष 2014 में 84 करोड़ GB..DATA इस्तेमाल किया था जो 2018 में बढ़कर 4 हज़ार 640 करोड़ GB हो गया है. इसका कारण ये है कि भारत में 2014 में जो एक GB. DATA 269 रुपये का मिलता था..वो अब 12 रुपये में मिल रहा है और इस DATA के ज़रिए. 30 प्रतिशत भारतीय Internet पर सिर्फ अश्लील सामग्री यानी Porn देख रहे हैं . और इसमें भी हिंसा, बलात्कार और जबरदस्ती वाले Videos सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं .

आज हमने इस बारे में आप लोगों से बात की. विशेषज्ञों की भी राय ली और ये समझने की कोशिश की कि संस्कारी होने का दावा करने वाले भारत में हिंसा और अश्लीलता क्यों  Trend कर रही है . हमें इसका क्या जवाब मिला..ये आज आपको भी समझना चाहिए. इस रोष, इस गुस्से और इस बेचैनी को पूरा देश देख रहा है. हैदराबाद में हुई घटना के बाद कोने-कोने में प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे लग रहा है कि निर्भया के 7 वर्षों के बाद..देश एक बार फिर एक आंदोलन की दिशा में बढ़ रहा है लेकिन इससे पहले कि आप कोई नतीजा निकालें. हम आपको रोकना चाहते हैं. वर्ष 2018  के नवंबर और दिसंबर महीने में 2800 करोड़ बार...इंटरनेट पर अश्लील वीडियोज़ देखे गए. ठीक सुना आपने 135 करोड़ लोगों के देश में अश्लील सामग्री को 2800 करोड़ बार देखा गया.

2016 में टेलीक़ॉम कंपनियों के बीच जो प्राइस वॉर शुरु हुआ. उसने इंटरनेट data को तो सस्ता बना दिया लेकिन सस्ते के चक्कर में देश संस्कारों की कुर्बानी दे रहा है. Internet पर Porn सर्च करने के मामले में भारत दुनिया के बड़े बड़े देशों को टक्कर दे रहा है . वो भी तब..जब भारत में 800 से ज्यादा अश्लील साइट्स को बैन कर दिया गया है लेकिन हमारे देश में किसी भी चीज़ पर बैन लगने से पहले उसे तोड़ने के तरीके इजाद कर लिए जाते हैं .

Proxy Browser, Virtual Private Network, और Dark वेब के सहारे लोग अश्लीलता और हिंसा के सागर में गोता रहा रहे हैं और..बदले में जो हासिल हो रहा है. उससे बलात्कार और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं . सबसे ज्यादा डरावनी बात ये है कि लोग सिर्फ अश्लील सामग्री नहीं देख रहे बल्कि विशेष तौर पर हिंसायुक्त दृश्यों को बार बार देख रहे हैं. जिन चीज़ों को देखकर लोगों को गुस्सा आना चाहिए. लोगों ने उसे मनोरंजन में बदल दिया है. क्या हमारा समाज मानसिक रूप से बीमार और विकृत हो रहा है?

Virtual Private Network के ज़रिए आप प्रतिबंध की सीमाएं तो लांघ सकते हैं लेकिन क्या मर्यादाओं के पार जाना आपको शोभा देता है? लेकिन अगर आप अपने आसपास नज़र उठाकर देखेंगे तो आप समझ जाएंगे कि हिंसा और उत्पीड़न को हमारे समाज ने अभिन्न अंग के रूप में स्वीकार कर लिया है और महिलाओं की रक्षा करने वाला समाज. अब बलात्कार को Internet पर देखने के लिए व्याकुल है. मनोरोगी बनते समाज को सस्ते Data से ज्यादा ज़रूरत इलाज की है क्योंकि अगर वक्त रहते. इस मानसिकता का इलाज नहीं किया गया तो ये देरी पूरे देश और समाज को महंगी पड़ जाएगी.

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उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद से भारत की ज्यादातर Telecom कंपनियों ने इन अश्लील Websites को प्रतिबंधित कर दिया है लेकिन लोग इस प्रतिबंध का भी सम्मान नहीं करना चाहते और लोगों ने इससे बचने के तरीके भी ढूंढ लिए हैं . लेकिन ऐसा नहीं है कि अगर आप कानूनों को Bypass कर रहे हैं..तो आपको कोई पकड़ नहीं सकता. आज जब हमने इस बारे में Cyber Experts से बात की..तो पता चला कि आपको Virtual Private Network यानी VPN और Proxy Browser जैसी सुविधाएं देने वाली कंपनियां ही आपका भांडा फोड़ सकती है.

भारत के धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि जहां नारी की पूजा होती है वहां देवताओं का वास होता है . हो सकता है कि आपके घर में भी नारी की पूजा होती हो. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपके आस पास के लोग सच में महिलाओं का सम्मान भी करते हों . भारत अलग अलग धर्मों का देश है और सभी धर्मों में महिलाओं के सम्मान की बात की गई है लेकिन अश्लीलता को Trend कराने वालों में हर धर्म और हर जाति के लोग शामिल है . सोचिए मेट्रो,और बसों से सफर करने वाली आपके परिवार की महिलाएं हर रोज़ ऐसी ही मानसिकता वाले लोगों से जूझती होगी महिलाओं का सम्मान ना करना..एक प्रकार का मनोरोग है और अगर सस्ते DATA के चक्कर में पूरा देश इस मनोरोग का शिकार हो जाएगा..तो ये हमारी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को बहुत महंगा पड़ेगा.


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Zee News.)