Zee Jaankari: कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान पूरी दुनिया में पड़ चुका है अलग-थलग, अब ले रहा झूठ का सहारा

Zee Jaankari: कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान पूरी दुनिया में पड़ चुका है अलग-थलग, अब ले रहा झूठ का सहारा

आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने Human Rights Council में हुई बैठक के संदर्भ में एक Tweet किया. और कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने के लिए 58 देशों का शुक्रिया अदा किया. इमरान ख़ान के Tweet की भाषा देखकर, ऐसा प्रतीत होता है, कि इन सभी देशों ने कश्मीर के मुद्दे पर भारत का नहीं बल्कि पाकिस्तान का समर्थन किया था. लेकिन इमरान ख़ान के इस Tweet में एक बहुत बड़ी ग़लती है. और वो ग़लती ये है, कि United Nations Human Rights Council के 58 नहीं, बल्कि 47 सदस्य देश हैं. इन सदस्य देशों में भारत और पाकिस्तान दोनों शामिल हैं.

इमरान ख़ान का सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए आज हमने UNHRC की Website का एक Screen Shot लिया है. जिसमें साफ और सुनहरे अक्षरों में लिखा है, The Council Is Made Of 47 Member States...यानी Human Rights Council, 47 सदस्य देशों से मिलकर बना है. आज भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इमरान ख़ान की ग़लती पर चुटकी ली.

और कहा, कि उनके पास इन देशों की ऐसी कोई List नहीं है. रही बात Human Rights Council के सदस्य देशों की, तो पाकिस्तान तय संख्या से कहीं ज़्यादा आगे बढ़ गया. इमरान ख़ान तथ्यात्मक रुप से ग़लत हैं. लेकिन अपनी ग़लती के छिपाने के लिए पाकिस्तान एक दूसरा ही Logic दे रहा है. संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश हैं.

इनमें से 47 देश ऐसे हैं, जो Human Rights Council के सदस्य हैं. इन्हीं देशों को Voting करने का हक है. और इन्हें United Nations General Assembly द्वारा चुना जाता है. पाकिस्तान के मुताबिक, उसके Joint Statement को 60 से ज़्यादा देशों का समर्थन मिला है. जिसकी सूची 27 सितम्बर को Human Rights Council का Session ख़त्म होने के बाद जारी की जाएगी. पाकिस्तान का दावा है, कि उसका साझा बयान अभी भी समर्थन के लिए Open है.

और कोई भी देश उसे Support करने के लिए आगे आ सकता है. और अगर ऐसा हुआ, तो Human Rights Council में कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान द्वारा लाए गए साझा बयान का समर्थन करने वाले देशों की संख्या बढ़ सकती है.
ये पाकिस्तान की कूटनीतिक धोखेबाज़ी है. दो दिन पहले Geneva में उसने कश्मीर के मुद्दे पर Special Session की मांग की.

जिसे ठुकरा दिया गया. Special Session के लिए पाकिस्तान को 16 Votes की ज़रुरत थी. लेकिन उसे इतने Votes नहीं मिले. इसके बाद उसने कश्मीर के मुद्दे पर Special Discussion या भारत के खिलाफ प्रस्ताव लाने की भी कोशिश की. इसमें भी उसे नाकामी मिली. क्योंकि, पाकिस्तान को इसकी इजाज़त नहीं दी गई

और जब पाकिस्तान के पास कुछ नहीं बचा, तो अंत में उसे एक बयान जारी करना पड़ा. और अब उसी खीज़ की वजह से वो इस प्रकार के ढोंग रच रहा है.कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान और इमरान ख़ान कथित तौर पर दुनिया से मिल रहे समर्थन से खुश हैं. हालांकि वास्तविक स्थिति का ज़िक्र पाकिस्तान के गृहमंत्री Brigadier Ijaz Ahmed Shah ने किया है. और कहा है, कि कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका है.

और कोई भी देश उसकी बात मानने के लिए तैयार नहीं है. ये तो दुनिया की बात हुई. इस TV इंटरव्यू में Ijaz Ahmed Shah ने आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद, लश्कर ए तय्यबा जैसे संगठनों और हाफिज़ सईद जैसे आतंकियों का भी नाम लिया. और कहा, कि आतंकवाद के मुद्दे पर विश्व में पाकिस्तान की छवि गैर-जिम्मेदार राष्ट्र की बन गई है.

उन्होंने ये भी कहा, कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन मौजूद हैं. और ये भी माना, कि ये वही आतंकी संगठन है जिन्होंने अफगानिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया और कश्मीर में हिंसा के जरिए अशांति फैलाई. पाकिस्तान के गृह मंत्री के मुताबिक, इमरान ख़ान की सरकार ऐसे संगठनों और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.

लेकिन, इस कार्रवाई का एक सच ये भी है, कि आतंकियों को जेल में नहीं डाला जा रहा. बल्कि उन्हें मुख्यधारा में लाकर उन्हें रोज़गार देने की कोशिश की जा रही है. ये हम नहीं कह रहे. बल्कि ये पाकिस्तान के गृह मंत्री का कहना है.आज सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर को लेकर सिर्फ 20 सेकेंड में एक बड़ा संदेश दिया है.

आज उनसे ये पूछा गया कि क्या सरकार का अगला लक्ष्य PoK है. इसके जवाब में उन्होंने कहा, कि अगर सरकार निर्देश देती है, तो भारतीय सेना किसी भी बड़ी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की ये टिप्पणी, डॉ जीतेंद्र सिंह के बयान के बाद आई है.

जो प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री हैं. दो दिन पहले जीतेंद्र सिंह ने कहा था, कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद, भारत सरकार का अगला लक्ष्य पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर को हासिल करना है.


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Zee News.)