सुबह से शाम तक रोज क्या खाते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, क्या हैं पसंदीदा व्य

सुबह से शाम तक रोज क्या खाते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, क्या हैं पसंदीदा व्य
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ( Chinese President Xi Jinping) भारत दौरे (India tour of China President) पर हैं. वो दक्षिण भारत के प्राचीनतम शहर महाबलीपुरम (Mahabalipuram) में हैं. जब वो भारत आए तो मीडिया ये अंदाज लगाने में लग गया कि उन्हें कौन सा खाना परोसा जाएगा. हम आपको आज ये बताएंगे कि जिनपिंग को कौन सा खाना खास पसंद है. जिससे उनकी जीभ पर भी पानी आ जाता है.
वैसे हम आपको ये भी बता दें कि महाबलीपुरम के शोर टैंपल (shore temple mahabalipuram) पर शाम ठीक 06.45 बजे उनके खाने का समय हो गया था. उन्हें वहां डिनर (dinner of Xi Jinping) में तरह-तरह के व्यंजन परोसे गए, जिसमें लजीज दक्षिण भारतीय व्यंजनों (South India cuisines) की भी खासी वेरायटी रही.
इंटरनेशनल डिप्लोमेसी में कहा जाता है कि जब दो देशों के नेता मिलते हैं तो उनकी अनौपचारिक मुलाकात और सबसे ज्यादा बेतकल्लुफ के क्षण तभी होते हैं, जब वो खाने की टेबल पर आते हैं. खाने का स्वाद बेहतरीन हो तो उनका मूड और चीयरफुल हो जाता है. फिर मुलाकात के नतीजों में भी गर्मजोशी आ जाती है.

जब भी कोई बड़ा राष्ट्रप्रमुख किसी देश का दौरा करता है तो उसके खाने का मेनू बहुत ऐहतियात और उसकी खानपान की रुचियों के मद्देनजर तैयार किया जाता है.

ये डिनर महाबलीपुरम के शोर मंदिर (Shore Temple) के परिसर में या उसके आसपास होगा.वर्ष 2014 में जब चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग भारत आए थे, तब वो गुजरात (Gujarat) में आए थे. तब उन्हें खाने में सौ से ज्यादा गुजराती डिशेज (Gujarat Cuisines) परोसी गईं थीं. माना जाता है कि इस पूरे आयोजन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी खास ध्यान था कि जिनपिंग के लिए मेनू में क्या रखा जाए.

बाद में मीडिया में खबरें आईं कि जिनपिंग को ये खासा पसंद भी आया.  इस बार जब वो दक्षिण भारत के शहर पहुंचे हैं तो वहां दक्षिण भारतीय व्यंजन उनका स्वागत कर रहे थे.
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सूप और नॉनवेज बन के शौकीन

चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग बन, सूप और वेजिटेबल के शौकीन हैं. वो आमतौर पर नॉन वेजेटेरियन बन लेते हैं, जो अक्सर पोर्क का होता है.वहीं सूप में भी वो मांसाहार वेरायटी पसंद करते हैं. इसके साथ अक्सर कटी हुई प्याज और आधी पकी बींस और दूसरी वेजेटेबल लेते हैं.

चीन के राष्ट्रपति आमतौर पर चीन के पारंपरिक भोजन को पसंद करते हैं लेकिन विदेशी दौरों में भी नया स्वाद चखने से नहीं चूकते


क्या खाते हैं ब्रेकफास्ट में 

चीनी वेबसाइट चाइना हाईलाट्स के अनुसार आमतौर पर चीन में लोग ब्रेकफास्ट में सोयाबीन मिल्क, डीप फ्रायड गेहूं आटा स्टिक, दलिया, स्टीम स्टफ बन और राइस नूडल्स लेते हैं. बताते हैं कि इस मामले में चीन राष्ट्रपति भी खासे पारंपरिक हैं.

कहा जाता है कि वो सुबह सात बजे तक ब्रेकफास्ट ले लेते हैं. दोपहर में खाने का समय  12 बजे के आसपास रहता है. लंंच में वो कुछ मीट, नूडल्स वेजेटेबल्स लेते हैं. लंच बहुत हैवी नहीं होता.

डिनर तगड़ा और जल्दी लेते हैं

चीनी राष्ट्रपति हर हाल में डिनर शाम को जल्दी यानि 06.30 से 07.00 बजे के बीच कर ही लेते हैं. चीन में आमतौर पर डिनर तगड़ा लेने का रिवाज है. इसमें कई तरह के मीट और सूप की वैरायटी होती है. साथ में चावल और सब्जियां भी. जिनपिंग भी अपने खाने में यही सब पसंद करते हैं. कहा जाता है कि खाने में वो पारंपरिक हैं. सादा खाना उन्हें ज्यादा पसंद आता है.

जिनपिंग के साथ अक्सर विदेश में खाने की समस्या होती है, लिहाजा वो बहुत ज्यादा वैरायटी पर हाथ नहीं आजमाते लेकिन अगर मेजबान देश किसी क्यूजिन की तारीफ करे तो उसे जरूर आजमाते हैं.

चीन में ब्रेकफास्ट थोड़ा भारी और विविधतावाला होता है, जिसमें सोया मिल्क, दलिया आदि रहते हैं


तब वो केवल फिश और चिप्स खाते रहे

ब्रिटेन की वेबसाइट मेलऑनलाइन के अनुसार, जब जिनपिंग ब्रिटेन के दौरे पर गए तो महारानी ने उन्हें बकिंघम पैलेस में शानदार डिनर दिया लेकिन इस शानदार डिनर में वो केवल मछली और चिप्स पर हाथ आजमाते रहे, क्योंकि बाकी व्यंजनों के बारे में उन्हें बहुत ज्यादा मालूम नहीं था और कुछ उन्हें पसंद नहीं आए.

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ओबामा की दावत 

इसी सबके मद्देनजर जब वो बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहते अमेरिका दौरे पर गए तो फ्लोरिडा में उनके लिए जो भोज दिया गया, उसमें ओबामा ने उनकी पसंद पहले मालूम कर ली थी, लिहाजा इसमें अगर कई चीनी व्यंजन थे तो अमेरिकी खानों की फेहरिश्त भी.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ डिनर के मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग


हालांकि जब वो दूसरी बार जब अमेरिका गए तब तक डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बन चुके थे. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में भोजन परोसने का उसूल बना रखा है, वो राष्ट्रप्रमुख अतिथियों को कांटिनेंटल डिशेज ही परोसते हैं. यानि तब जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग ल्यून का स्वागत कांटिनेंटल खाने के साथ ही हुआ.

पुतिन आमतौर पर वोदका और केवियर परोसते हैं

वैसे कहा जाता है कि उनकी जितनी मुलाकातें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई हैं, उतनी किसी और राष्ट्रप्रमुख के साथ नहीं. दोनों अब तक 30 बार से ज्यादा मिल चुके हैं. उन्हें पुतिन अपनी बर्थ-डे सेलिब्रेशन में भी आमंत्रित कर चुके हैं. पुतिन उनकी खातिरदारी पेनकेक्स, केवियर और वोदका से करते हैं. वैसे पुतिन के बारे में ये भी कहा जाता हैे कि वो मास्को में अक्सर किसी भी रेस्तरां बगैर प्रोग्राम भी पहुंच जाते हैं.

चीनी राष्ट्रपति की लंच और डिनर पर विदेश में सबसे ज्यादा मुलाकात रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई है. इसमें वो आमतौर पर पेनकेक्स, केवियर और वोदका लेते हैं


भारत में भांति भांति के व्यंजन 

इसीलिए पुतिन के इस भारतीय दौरे में इस बात का खास ख्याल रखा गया कि खाना ऐसा परोसा जाए, जिसका स्वाद वो मजे से ले सकें. इसलिए उन्हें यहां जो खाना परोसा गया वो वेजिटेबल से लेकर नॉन वेजिटेबल और चाइनीज से भारतीय विविधता वाला था. इसमें प्याज और मीट से बनी कई डिशेज, नूडल्स, वेजीटेबल साल्ट, भुने आलू, कई तरह की दालें, कई तरह के सूप और दक्षिण भारतीय व्यंजन थे.

जिनपिंग 12 अक्टूबर को आईटीसी चोला में ब्रेकफास्ट लेंगे, जो आमतौर पर दक्षिण भारतीय व्यंजनों की प्रधानता वाला होगा, जिसमें कई तरह की ब्रेड, बटन, सैंडविच और बन होंगे.

इसके बाद जिनपिंग का काफिला चेन्नई के समुद्र तट पर बने डच फोर्ट के साथ निर्मित ताज फिशरमैन कोव रेसोर्ट्स की ओर चल देगा, जहां प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत के बाद उनका डिनर भी वहीं होगा. ये आमतौर पर कांटिनेटल व्यंजनों से भरपूर खाना होगा. इसमें वेजीटेबल और नॉन वेजिटेबल हर तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)