ग्रीन हाउस गैस को कम करने की दिशा में बड़ी खोज

ग्रीन हाउस गैस को कम करने की दिशा में बड़ी खोज
टेक्सास की राइस यूनिवर्सिटी ने ग्रीन हाउस गैस (green house gas) के उत्सर्जन को कम करने की दिशा में एक बड़ी खोज की है. इस खोज के तहत अब न केवल इन गैसों का दोबारा इस्तेमाल हो सकेगा, बल्कि इसके लिए इस्तेमाल किया जाने वाला इलेक्ट्रोलाइजर रिन्यूएबल बिजली से काम करेगा.

कैसे करेगा काम

कैटेलिक रिएक्टर की मदद से कार्बनडाइऑक्साइड (carbondioxide) के यूज के बाद वह उसे शुद्ध और गाढ़े फॉर्मिक एसिड में बदल देगा.

इससे पहले तक फॉर्मिक एसिड को बनाने में अत्यधिक ऊर्जा की खपत होती थी. अब नए खोज की मदद से यह सीधे ही कार्बनडाइऑक्साइड को शुद्ध और गाढ़े फॉर्मिक एसिड में बदल देगा. इन्हीं फॉर्मिक एसिड का इस्तेमाल बिजली के उत्पादन में होगा.(ग्रीन हाउस) गैसों में कार्बन डाईऑक्साइड सबसे प्रमुख गैस है जो आमतौर से जीवाश्म ईधनों के जलने से उत्सर्जित होती है. वातावरण में यह गैस 0.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ रही है तथा इसकी तपन क्षमता 1 है. वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा का बढ़ना ग्रीनहाउस प्रभाव को बढ़ाता है जो ग्लोबल वार्मिंग और इसके परिणामस्वरूप जलवायु परिवर्तन करता है.

क्या कार्बनडाइऑक्साइड से वाकई हो सकता है बिजली का उत्पादन?

उधर दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने एक अद्भुत खोज की है. वैज्ञानिकों ने कार्बनडाइऑक्साइड की मदद से बिजली का उत्पादन करने का दावा किया है. इनका मानना है कि इसकी मदद से वह बिजली और हाइड्रोजन ईंधन उत्पन्न कर सकते हैं. इस पर अध्ययन कर रहे शोधकर्ताओं ने बताया है कि हाइब्रिड एनए- कार्बनडाइऑक्साइड लगातार बिजली उत्पन्न कर सकती है.

(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)