धीमी गति से चलने वाले लोगों में बूढ़े होने पर बीमार होने की आशंका ज्यादा

धीमी गति से चलने वाले लोगों में बूढ़े होने पर बीमार होने की आशंका ज्यादा





वेलिंगटन. धीमी गति से चलने वाले लोगों में बुढ़ापेमें बीमार होने का खतरा ज्यादा होता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों की चलने की गति से यह पता लगाया जा सकता है कि भविष्य में किसी को अल्जाइमर्स जैसी बीमारी हो सकती है या नहीं। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन कीजामा नेटवर्क ओपन जर्नल में प्रकाशित पत्र ये जानकारी सामने आई है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, 45 साल के युवक जो धीमी गति से चलते हैं, उसी उम्र के अन्य लोगों की तुलना में वे जल्दी बूढ़े नजर आने लगते हैं। उनके फेफड़े, दांत और प्रतिरक्षा प्रणाली में भी समस्या होती है। अमेरिकी की ड्यूक यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता जेएच रासमुसेन ने कहा कि वास्तव में यह बहुत ही चौंकाने वाली बात है कि 45 साल के लोगों में इस तरह की परेशानियां होती हैं। आमतौर पर इस तरह की समस्या बुजुर्गों में ही होती है।

शोध में तीन बातों पर ध्यान दिया गया

जामा नेटवर्क ओपन में प्रकाशित नए शोध के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने न्यूजीलैंड के तीन साल के 900 से ज्यादा प्रतिभागियोंका 40 साल तक अध्ययन किया। उन्होंने इस साल अप्रैल में चलने की गति का मूल्यांकन किया। इसका मूल्यांकन गेट (पैदल चलने वाली मशीन) के द्वारा किया गया। इसमें तीन बातों पर ध्यान दिया गया है। शोध में धीमी और तेज गति से चलनेऔर प्रतिभागीकोई शब्द कितनी जोर से पढ़ते हैं, इन बातों पर ध्यान दिया गया। इसमें धीमी गति से चलने वाले लोगों की औसत स्पीड 1.21 मीटर प्रति सेकेंड या मोटे तौर पर 4.3 किमीप्रति घंटा रही। जबकि तेज गति से चलने वालों की औसत गति 1.75 मीटर प्रति सेकेंड या 6.2 किमी प्रति घंटा रही।

शोध में कहा गया है कि वैज्ञानिक तीन साल के बच्चे केमस्तिष्क कोदेखकर यह पता लगा सकते हैं कि वह कितनी तेजी से अधेड़ उम्र का हो जाएगा। मस्तिष्क में क्या हो रहा है, यह देखने के लिएशोधकर्ताओं ने एमआरआई स्कैन का सहारा लिया।प्रकाशित पत्र के अनुसार, लोगों के आईक्यू स्कोर, भाषा को समझने की दक्षता और उनके भावनात्मक नियंत्रण से 45 साल तक चलने की गति का पता लगाया जा सकता है।

शोध से पता लगेगा- भविष्यमें कौन सी बीमारियां हो सकती हैं

ड्यूक विश्वविद्यालय और किंग्स कॉलेज लंदन के वरिष्ठ लेखक टेरी ई मोफिट ने कहा कि किसी व्यक्ति की चलने की गति से कईसमस्याओं का पता लगाया जा सकता है।इससे हमें लोगों के आंतरिक स्वास्थ्य का पता चल सकता है। साथ ही हमारा शरीर भविष्य में हमें होने वाली बीमारियों की ओर कितनी तेजी से बढ़ रहा है, यह भी जान सकते हैं। धीमी गति से चलने वाले लोगों कीअपनी समान आयु वाले तेज चलने वालों की तुलना में जल्दी मौत हो जातीहै।

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प्रतीकात्मक फोटो।






(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Bhaskar.)