खुशखबरी! एक बार फिर कर्ज सस्ता कर सकता है RBI, ये है वजह

खुशखबरी! एक बार फिर कर्ज सस्ता कर सकता है RBI, ये है वजह
नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट (Repo Rate) में फिर कटौती कर सकता है. खाने-पीने की चीजें महंगी होने से अगस्त में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर मामूली बढ़कर 10 महीने के उच्चतम स्तर 3.21 फीसदी पर पहुंच गई. है. वहीं, औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर सुस्त बनी हुई है. इससे केंद्रीय बैंक पर रेपो रेट में कटौती करने का दबाव एक बार फिर बढ़ गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति में रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति अगली समीक्षा बैठक में रेपो रेट में 0.15 से 0.25 फीसदी की और कटौती कर सकती है.

ये हैं कारण
हालांकि, महंगाई की दर अब भी रिजर्व बैंक के निर्धारित लक्ष्य के दायरे में है. लेकिन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण घटक माने जाने वाले औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि की चाल कुछ धीमी रहने को देखते हुए मुमकिन है कि RBI रेपो रेट में कटौती की दिशा में एक बार फिर विचार कर सकता है.ये भी पढ़ें: Aadhaar में नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए चाहिये ये डाक्यूमेंट्स, UIDAI ने जारी की लिस्ट

बढ़कर 4.3% रही औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) पर आधारित औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जुलाई माह में 4.3 फीसदी रही. यह जून के मुकाबले तो काफी ऊपर है लेकिन एक साल पहले जुलाई के मुकाबले यह नीचे है. जुलाई 2018 में यह 6.5 फीसदी रही थी. जबकि पिछले महीने जून में काफी नीचे 1.2 फीसदी रही थी. जहां तक खुदरा महंगाई दर की बात है तो जुलाई में यह यह 3.15 फीसदी थी और अगस्त में 3.21 फीसदी पर पहुंच गई. इसमें मामूली वृद्धि हुई है.
एक साल पहले अगस्त में यह 3.69 फीसदी पर थी. खुदरा मुद्रास्फीति दस महीने पहले अक्टूबर 2018 में 3.38 फीसदी थी. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) की ओर से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अगस्त के आंकड़ों के अनुसार अगस्त महीने में खाद्य सामग्री वर्ग में 2.99 फीसदी मूल्य वृद्धि रही, जो जुलाई में 2.36 फीसदी थी.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)