UN में की थी तमिल भाषा की तारीफ, अब वहां के पारंपरिक परिधान में नजर आए PM मोदी

UN में की थी तमिल भाषा की तारीफ, अब वहां के पारंपरिक परिधान में नजर आए PM मोदी
चेन्नई. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (XI Jinping)  के साथ मुलाकात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) तमिलनाडु (Tamilnadu)के महाबलिपुरम पहुंचे. यहां पर वह तमिलनाडु के पारंपरिक वेशभूषा में थे. उन्होंने सफेद शर्ट के साथ यहां की पारंपरिक धोती पहन रखी थी. राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी की मुलाकात के लिए खासतौर पर महाबलिपुरम को चुना गया है. इस पूरी मुलाकात के दौरान स्वागत समारोह पर तमिलनाडु की छाप स्पष्ट रूप से दिख रही है.

शी जिनपिंग भारत की दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए हुए हैं. इस दौरान वह चेन्नई और महाबलीपुरम में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इससे पहले जब शी जिनपिंग भारत की यात्रा पर आए थे तब पीएम मोदी ने उनका स्वागत गुजरात के अहमदाबाद में किया था.



बता दें कि पीएम मोदी ने तमिलनाडु के प्रति अपने फोकस को जाहिर किया है. उन्होंने इससे पहले जब संयुक्त राष्ट्र में भाषण दिया था, उस समय भी तमिल भाषा की प्रशंसा करते हुए उन्होंने तमिल कवि का विशेष रूप से उल्लेख किया था. इस बार जब शी जिनपिंग भारत की यात्रा पर आए तो उन्हेांने चेन्नई को ही चुना.
हर राज्य की वेशभूषा में आ चुके हैं नजर
पीएम मोदी किसी भी राज्य में जब जाते हैं तो उसके प्रति अपने प्रेम को दिखाने के लिए उसी वेशभूषा में नजर आते हैं. फिर चाहे वह पूर्वोत्तर के राज्य हों या फिर महाराष्ट्र, या मध्यप्रदेश के किसी जिले में जाना हो. प्रधानमंत्री ने वहां के प्रतीकों को अपनाकर वहां की जनता को एक खास संदेश दिया है.


तमिलनाडु है बीजेपी और पीएम मोदी का फोकस
ये सभी जानते हैं कि बीजेपी अपना विस्तार कर रही है. लेकिन तमिलनाडु उन राज्यों में से है, जहां पर बीजेपी का जनाधार नहीं है. ऐसे में पीएम मोदी की नजर विशेष रूप से तमिलनाडु पर है. जहां पर वह अपने जनाधार को बढ़ाना चाहते हैं. ऐसे में शी जिनपिंग का तमिलनाडु में स्वागत और खुद पीएम का पारंपरिक वेशभूषा में नजर आना उसी रणनीति का हिस्सा है.

हिंदी के मुद्दे पर हुआ था विरोध
जब गृहमंत्री अमित शाह ने एक देश और एक भाषा की बात कही थी, तो सबसे ज्यादा विरोध तमिलनाडु में ही हुआ था. इसके बाद पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में तमिल भाषा की प्रशंसा करते हुए उन लोगों की चिंताओं को दूर किया था, जो ये मान रहे थे कि उन पर हिंदी भाषा थोपी जा रही है.

(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)