बिहार: हजारों अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने के सपने पर लगा 'ब्रेक', जानें मामला

बिहार: हजारों अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने के सपने पर लगा 'ब्रेक', जानें मामला
पटना. नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति (Teacher Appointment) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और बिहार के हजारों अभ्यर्थी इसकी तैयारी कर रहे हैं. लेकिन, बड़ी संख्या में ऐसे भी अभ्यर्थी हैं जो शिक्षक (Teacher) बनने से वंचित रह जाएंगे. दरअसल कोई विषय की बाध्यता के चक्कर में छूट रहे हैं, तो कोई रिजल्ट (Result) के इंतजार में. समय पर परीक्षा नहीं होने से कई की उम्र सीमा भी बॉर्डर लाइन  (Border Line0पार कर गई है. नौकरी की टूटती आस देख अभ्यर्थियों ने अधिकारियों से भी गुहार भी लगाई है.


B. Ed परीक्षार्थियों को भी नहीं मिलेगा मौका

दरअसल राज्य में 8 साल बाद एसटीईटी की परीक्षा होनेवाली है जिसमें कुल 37 हजार 335 रिक्तियां निकाली गई है. लेकिन, 11वीं और 12वीं में निकली रिक्तियों में कॉमर्स और आर्ट्स के अभ्यर्थियों को जगह नहीं मिलेगी. जबकि बीएड की परीक्षा में शामिल हो रहे  कैंडिडेट को भी परीक्षा में बैठने से वंचित होना पड़ेगा.
कॉमर्स और आर्ट्स के अभ्यर्थियों को भी झटका

वहीं, शिक्षक बनने के इंतजार में बैठे पीजी और बीएड कर चुके कॉमर्स और आर्ट्स अभ्यर्थियों को एक तरह से बड़ा झटका लगा है क्योंकि इंटर स्कूलों में होनेवाली बहाली में यह विषय शामिल नहीं किया गया है. ऐसे छात्र अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं, जिन्होंने मोटी राशि खर्च कर टीचर ट्रेनिंग की और डिग्री हासिल की है.


Teacher
हजारों अभ्यर्थी ऐसे हैं जो टीचर नियुक्ति प्रक्रिया से वंचित रह जाएंगे. ये शिक्षा मंत्री से लेकर तमाम आला अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई है.


7 विषयों के लिए ही निकाली है रिक्तियां
नवंबर में आयोजित होने वाली इस माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में 9वीं से लेकर 12वीं तक के लिए 7 विषयों में रिक्तियां निकाली गई हैं. इसमें माध्यमिक में 25 हजार 270 और उच्च माध्यमिक में 12 हजार 65 रिक्तियां निकाली गई हैं.


आठ साल बाद हो रही है नियुक्ति प्रक्रिया 

बता दें कि यह परीक्षा 2011 के बाद लंबे अंतराल के बाद होनेवाली है इस दौरान हजारों अभ्यर्थियों ने बीएड की डिग्री भी हासिल कर ली है. गौरतलब है कि राज्य में खाली पड़े शिक्षक के पदों को भरने और नए अपग्रेड प्लस 2 स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की भर्ती के लिए एसटीईटी परीक्षा ली जाएगी.


रिजल्ट जारी नहीं होने से भी रहना पड़ेगा वंचित

वहीं मगध विश्वविद्यालय से बीएड कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थी भी मायूस हैं क्योंकि समय पर बीएड का रिजल्ट जारी नहीं हुआ. इस बीच एसटीईटी के फॉर्म निकल गए ऐसे में एमयू के अभ्यर्थियों का भी सपना साकार नहीं हो सकता है.
सरकार के दरबार में नहीं हो रही कोई सुनवाई

एक तरफ ट्रेंड अभ्यर्थी एसटीईटी का फॉर्म भर रहे हैं तो दूसरी तरफ मौका गंवाए अभ्यर्थी सरकार और बोर्ड का गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक आश्वासन भी नहीं मिल पाया है. बहरहाल कई ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जिनकी परीक्षा के इंतजार में बैठे-बैठे उम्र गुजर गई और बीएड की डिग्री बेकार हो गई.
आंदोलन के मूड में अभ्यर्थी

अभ्यर्थियों ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि सारे सपने टूट गए जबकि अभ्यर्थियों का कोई कुसूर नहीं है. गलती सरकार की है जिसकी वजह से  8 साल तक एसटीईटी परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ. लगातार पत्र लिखकर गुहार लगाने के बाद भी बोर्ड ने जब कोई आश्वासन नहीं दिया तो अभ्यर्थी अब सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं और आत्मदाह तक की चेतावनी दे रहे हैं.
रिपोर्ट- रजनीश कुमार


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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)