नाकामी से परेशान पाकिस्तानी सेना, इतना हुए नाराज कि बदल दिया लॉन्च पैड कमांडर

नाकामी से परेशान पाकिस्तानी सेना, इतना हुए नाराज कि बदल दिया लॉन्च पैड कमांडर
पूरे साल अब तक पाकिस्तान ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी लेकिन आतंकियों की घुसपैठ करा पाने में कामयाब न हो सका. बाकी बची हुई कसर बालाकोट के सर्जिकल स्ट्राइक वे पूरी कर दी. डर का इस क़दर माहौल था कि सीमा पर मौजूद आतंकियों को बोरा-बिस्तरा उठाकर उसे भागना पड़ा. लगातार मिल रही नाकामयाबी से आईएसआई इस क़दर बौखला गया कि उसने अपने लॉन्च पैड कमांडर ही बदल डाला. ये वाकया है नार्थ कश्मीर के गुरेज के दूसरी ओर पीओके (PoK) के डोमेल लॉन्च पैड का है.

न्यूज 18 इंडिया को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक़, एक डेढ़ साल से इस इलाके से आतंकियों की घुसपैठ न के बराबर हुई है. इस पूरे साल अब तक 3 या 4 बार ही पाकिस्तान सेना की तरफ से घुसपैठ करने कोशिश की, लेकिन सारी कोशिशें नाकामयाब हो गई. इससे ग़ुस्से में आए पाक सेना और आईएसआई ने डोमेल लॉन्च पैड के लॉन्च पैड कमांडर को हटा दिया और उसकी जगह एक एसे शख़्स को ज़िम्मेदारी दी जो की न सिर्फ आईएसआई का सबसे भरोसेमंद है, बल्कि आतंकी तंजीमों पर उसका रौब ज़बरदस्त है.

भारतीय सेना की मुस्तैदी ने इसके भी होश उड़ा दिए

वो लश्कर का कम्यूनिकेशन कमांडर है यानी कि वो ही एक एसी कड़ी है जो की आईएसआई और आतंकी तंजीमो को न सिर्फ हुक्म देता है बल्कि किस आतंकी को किस रूट से घुसपैठ करानी है वो ही तय करता है. भारतीय सेना की मुस्तैदी और एंटी इंफिलट्रेशन ग्रिड ने इस तुर्रम खां के भी होश उड़ा दिए है. तकरीबन 6 महीने पहले ये बदली की गई थी. साथ ही घुसपैठ के लिए पाकिस्तान की सेना ने आर्टेलरी सपोर्ट भी दिया लेकिन कुछ बदल नही सका. बदलाव के बाद भी 3-4 से ज़्यादा घुसपैठ की कोशिशें हुई लेकिन सभी को विफल कर दिया गया.
भारतीय सेना


डोमेल लॉन्च पैड लश्कर के हवाले

सूत्रों के मुताबिक़, अब तक गुरेज सैक्टर से घुसपैठ कराने की ज़िम्मेदारी हरकत उल जेहाद इस्लामी की हुआ करती थी. लेकिन पिछले कुछ सालों में ये संगठन कोई बड़ा घुसपैठ करा पाने में कामयाब नहीं रहा. इससे पाक सेना इतनी नाराज हुई की इस लॉन्च पैड को हरकत उल जेहाद इस्लामी से लेकर लश्कर के हाथ दे दी. सूत्रों की माने तो लश्कर का ये कम्यूनिकेशन एक्सपर्ट अब तक तंगधार के दूसरी ओर एक्टिव था. ये लश्कर का आतंकी कमांडर तंगधार इलाके में सारी घुसपैठ के लिए ज़िम्मेदार था.
आतंकी संगठन लश्कर के सदस्य.


बेहतर रिज़ल्ट के लिए पाक सेना ने इस शख़्स को तंगधार से गुरेज की दूसरी ओर पीओके में शिफ़्ट किया. इस आंतकी का रसूख़ इससे ही पता चल जाता है कि इसकी मदद के लिए बाक़ायदा पाकिस्तान ने आर्टेलरी तोपें तक इस्तेमाल कर दी. आपको बता दे की पाकिस्तान सेना ने साल 2013 के बाद इस गुरेज इलाके में आर्टेलरी तोपों का इस्तेमाल नहीं किया था, लेकिन इस साल से पाकिस्तान घुसपैठ के लिए किया.

पाक सेना मे प्रमोशन घुसपैठ के आधार पर

पाकिस्तान की सेना का काम सरहद पर मुसैतैदी नहीं बल्कि आतंकियों की घुसपैठ कराना उसके रोज़मर्रा के काम मे से एक है. सेना के बड़े अफ्सर इस बात की रिपोर्ट लगातार लेते रहते है कि कितने आतंकीयो को उनके बटालियन के इलाक़ों के लॉन्च पैड या कंपनी ऑपरेटिंग बेस से कश्मीर के लिए लॉन्च किया जा गया है. जिसके इलाके से घुसपैठ की कोशिशें सबसे ज्यादा कामयाब होती है, उस अफ्सर का प्रमोशन अच्छा होता है.

पाकिस्तानी सेना.


यही वजह है की वहां की सेना के अधिकारी अब सैनिक कम जेहादी ज़्यादा हो गए है. पाकिस्तान की सेना को इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि घुसपैठ के दौरान कितने आतंकी मारे गए. उनका काम बस घुसपैठ कराने से पूरा हो जाता है. फ़िलहाल जो ट्रेंड है उसके मुताबिक़ 3-3 के ग्रुप में आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश की जा रही है.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)