संकट में इमरान खान, अब विदेशों से सामान खरीदना भी हुआ मुश्किल

संकट में इमरान खान, अब विदेशों से सामान खरीदना भी हुआ मुश्किल
नई दिल्ली. कंगाली की मार झेल रहे पाकिस्तान (Pakistan) को बचाने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान लागातर कदम उठा रहे है. लेकिन इन कदमों का कोई भी असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर नहीं दिख रहा है. प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए अब विदेशों से सामान खरीदना भी मुश्किल हो गया है. दरअसल  फॉरेन रिजर्व (Foreign Reserve of Pakistan) यानी विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट आई है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (State Bank of Pakistan) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 4 अक्टूबर तक पाकिस्तान की लिक्विड फॉरेन रिजर्व 14.992 अरब डॉलर ही बचा है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने एक प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है. इसके पहले 27 सितंबर तक पाकिस्तान का कुल फॉरेन रिजर्व 15.003 अरब डॉलर था. आपको बता दें कि मुद्रा भंडार कम होने से पाकिस्तान के लिए विदेशों से सामान खरीदना बहुत मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में घरेलू महंगाई और भड़केगी.

आपको बाते दें कि विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश के सेंट्रल बैंक द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य एसेट्स होते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर वह अपनी देनदारियों (कर्ज़) का भुगतान कर सकें.

इस तरह की करेंसी सेंट्रल बैंक जारी करता है.साथ ही साथ सरकार और अन्य वित्तीय संस्थानों की तरफ से केंद्रीय बैंक के पास जमा किये गई राशि होती है.

यह भंडार एक या एक से अधिक मुद्राओं में रखे जाते हैं. ज्यादातर डॉलर और कुछ हद तक यूरो में विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल होता है. विदेशी मुद्रा भंडार को फॉरेक्स रिजर्व या एफएक्स रिजर्व भी कहा जाता है. 

इमरान सरकार के पहले साल में पाकिस्तान ने लिया रिकॉर्ड कर्ज- नया पाकिस्तान' बनाने के वादे के साथ सत्ता में आए इमरान खान के एक साल के ही शासनकाल में देश की इतनी दुर्गति हो चुकी है, जितनी कभी नहीं हुई थी.

>> इमरान ने पाकिस्तान को आर्थिक कंगाली के कगार पर खड़ा कर दिया है और मुल्क कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा है. नई सरकार के शुरुआती एक साल के कार्यकाल में रेकार्ड कर्ज लिया गया है.
>> आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सरकार के एक साल के कार्यकाल में देश के कुल कर्ज में 7509 अरब (पाकिस्तानी) रुपये की वृद्धि हुई है.

>> पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि कर्ज के यह आंकड़े स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भिजवा दिए हैं.

इमरान खाने की सबसे बड़ी टेंशन-आतंकवादियों (Terrorist) को अपनी सरजमीं पर पनाह देना पाकिस्तान (Pakistan) के लिए अब खतरा बन चुका है.

>>  टेरर फंडिंग (Terror funding) और मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने माना है कि पाकिस्तान आतंकी फंडिंग को रोकने में विफल साबित हुआ है.

>> ऐसे में अगले हफ्ते पेरिस (Paris) में होने वाली बैठक में उसे ग्रे लिस्ट से हटाकर ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है.

केंद्रीय बैंक के रिजर्व में इजाफा-पाकिस्तानी केंद्रीय बैंक के खुद के रिजर्व में 16 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है, जिसके बाद यह 4 अक्टूबर तक बढ़कर 7.76 अरब डॉलर हो गया है.

>> इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान कॉमर्शियल बैंकों के पास नेट फॉरेन रिजर्व 7.235 अरब डॉलर है. वहीं, टोटल लिक्विड रिजर्व केवल 14.992 अरब डॉलर ही है.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)