'BJP बदले की भावना से काम नहीं करती, चिदंबरम की कोशिश मोदी-शाह को फंसाने की'

'BJP बदले की भावना से काम नहीं करती, चिदंबरम की कोशिश मोदी-शाह को फंसाने की'
रांची. केन्द्रीय मंत्री (Central Government Minister) नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने आज दो टूक कहा कि भाजपा (BJP), चिदंबरम या किसी अन्य के खिलाफ बदले की भावना से काम नहीं कर रही है और आरोप लगाया कि यह चिदंबरम ही थे जिन्होंने वित्त मंत्री के तौर पर अतीत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और स्वयं उन्हें भी फर्जी मामलों में फंसाने की कोशिश की थी लेकिन वह सभी निर्दोष साबित हुए थे.

केन्द्रीय सड़क परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘हम बदला लेने वाले लोग नहीं हैं. लेकिन दूसरी तरफ चिदंबरम, वित्त मंत्री (Finance Minister) पद पर रहते झूठे मामले दर्ज करवा रहे थे. चिदंबरम जब कांग्रेस सरकार (Congress Government) में वित्त मंत्री थे तब उन्होंने मोदी, शाह और मेरे खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवाए थे.’’

'चिदंबरम ने गृह मंत्री रहते भी क्या किया, पूरा देश जानता है'
गडकरी ने कहा, चिदंबरम ने हम सभी को फर्जी मामलों में फंसाने की कोशिश की लेकिन बाद में हम सभी अदालतों में निर्दोष साबित हुए.” उन्होंने कहा, ‘‘चिदंबरम ने गृह मंत्री (Home Minister) रहते भी क्या किया, पूरा देश जानता है.’’गडकरी ने कहा, “चिदंबरम के खिलाफ धन शोधन मामलों (Money Laundering Cases) में पर्याप्त सबूत हैं और उनसे पूछताछ भी हुई है . मामला विचाराधीन है और अब अदालत ही फैसला करेगी.”

उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दुरुपयोग नहीं कर रहे हैं. चिदंबरम को जमानत मिलने से यह नहीं साबित होता कि वह निर्दोष हैं. उनके खिलाफ जो मामले हैं उनमें कानून की प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई हुई है.’’

अदालत में साबित होगा, 'क्या सच है और क्या झूठ है?'
गडकरी ने कहा कि जहां तक चिदंबरम के मामले में कांग्रेस के आरोप हैं कि उन्हें आईएनएक्स मीडिया (INX Media) मामले में फंसाया गया है तो यह बात अदालत में साबित होगी कि क्या सच है और क्या झूठ है. इससे पूर्व आज उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया हवाला मामले में 106 दिनों बाद पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को आज जमानत दे दी.

आरोप है कि वित्त मंत्री रहते हुए चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया को गलत तरीके से विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) मामले में मदद की थी. सीबीआई ने मई 2017 में इस संबंध में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था और चिदंबरम को पहली बार 21 अगस्त को इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा गिरफ्तार किया गया था लेकिन दो महीने बाद सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी थी. जबकि 16 अक्तूबर को उन्हें हवाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)