2 राज्यों ने ट्रैफिक जुर्माना घटाया, ये 11 राज्य नए मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ

2 राज्यों ने ट्रैफिक जुर्माना घटाया, ये 11 राज्य नए मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ
नई दिल्ली. देश के 11 राज्य नए मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act) के खिलाफ हो गए हैं. बीजेपी (BJP) शासित दो राज्य गुजरात और उत्तराखंड ने नए ट्रैफिक कानून में चालान की राशि में कटौती की है. वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी राज्य के अधिकारियों को गुजरात की तर्ज पर जुर्माना घटाने का आदेश दिया है.

राजस्थान सरकार ने संशोधित कानून के 33 प्रावधानों में से 17 में बदलाव कर जुर्माना राशि कम करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है. जुर्माने में 50% तक की कटोती की गई है. महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर सरकार से अनुरोध किया है कि इस पर दोबारा विचार करे और जरूरी संशोधन करके जुर्माने की राशि को कम करे. कांग्रेस शासित राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब ने नया ट्रैफिक कानून अपने यहां लागू करने से इनकार कर दिया है. ये भी पढ़ें: ओला, उबर या अपनी गाड़ी, जानें किसमें चलना है फायदेमंद?



ये राज्य भारी जुर्माने के खिलाफ>> पश्चिम बंगाल में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं होगा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि केंद्र सरकार का नया मोटर व्हीकल एक्ट यहां लागू नहीं होगा. उन्होंने कहा कि नया मोटर व्हीकल एक्ट लोगों पर बड़ा बोझ है.
>> मध्य प्रदेश में अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं हुआ है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र सरकार से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर लगाए जा रहे जुर्माने की राशि पर पुनर्विचार करने की अपील की है. ताकि लोगों को राहत मिल सके. सीएम ने लिखा है कि हम भी इसका अध्ययन करवा रहे हैं.
>> दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि वह दूसरे राज्यों को देखतक इस कानून पर कोई फैसला लेंगे. फिलहाल दिल्ली में संशोधित मोटर वाहन कानून के तहत लोगों का चालान किया जा रहा है.
>> बीजेपी शासित गोवा सरकार ने कहा कि जुर्माने के प्रावधानों को लागू करने से पहले राज्य की सड़कों को सही किया जाएगा.



गडकरी बोले- डरने की ज़रूरत नहीं
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा था कि जो भी राज्य नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद जुर्माने की रकम कम करना चाहते हैं उन्हें उससे कोई आपत्ति नहीं है. ये कड़े जुर्माने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने के लिए लगाए गए हैं. इस जुर्माने का उद्देश्‍य रेवेन्‍यू बढ़ाना नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा है. गडकरी ने ये भी कहा कि जो लोग नियम-कानून का उल्लंघन नहीं करते हैं उन्‍हें डरने की ज़रूरत नहीं है. उन्हें कुछ भी देने की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि यही समय है जब लोगों को इस कानून को समझना चाहिए. क्योंकि हमारे देश में रोड एक्सीडेंट में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)