क्या हुआ था विक्रम लैंडिंग साइट के साथ, अब चलेगा पता, तस्वीरें जारी करेगा नासा

क्या हुआ था विक्रम लैंडिंग साइट के साथ, अब चलेगा पता, तस्वीरें जारी करेगा नासा
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) उस जगह की तस्वीरों को शेयर करेगी, जहां जहां चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) के 'विक्रम' लैंडर ने एक हार्ड-लैंडिंग की थी. द न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट के मुताबिक नासा लैंडिंग से पहले और बाद की तस्वीर को शेयर करेगी. नासा के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया, "नासा, इसरो के द्वारा जारी विश्लेषण में मदद करने के लिए विक्रम लैंडर के लैंडिंग वाली जगह के आस-पास के क्षेत्र की फ्लाईओवर इमेजरी साझा करेगा."

नासा का लूनर रिकॉनेनेस ऑर्बिटर भेजेगा तस्वीरें

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अब तक विक्रम के लैंडिंग स्थल की कोई भी तस्वीर जारी नहीं की है. चंद्रयान 2 के अपने ऑर्बिटर के अलावा, नासा का लूनर रिकॉनेनेस ऑर्बिटर भी चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा है. नासा की परिक्रमा 17 सितंबर को इस क्षेत्र से गुजरने वाली है. साइट की तस्वीरें इसरो को इसके विश्लेषण में मदद कर सकती हैं. चंद्रमा पर सॉफ्ट-लैंडिंग प्राप्त कर भारत का दुनिया का चौथा देश बनने वाला था. लेकिन इस उम्मीद को 7 सितंबर की सुबह इसरो का लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने से झटका लगा था. इसरो का जब लैंडर विक्रम से संपर्क टूटा था तब वो चांद की सतह से सिर्फ 2.1 किमी की दूरी पर था.

विक्रम की हार्ड-लैंडिंग हुई थीहालांकि, 8 सितंबर को, इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि लैंडर विक्रम के लोकेशन का पता चल गया है. ये चांद की सतह पर मौजूद है और इसकी लैंडिग हार्ड-लैंडिंग रही होगी. मिशन से जुड़े अधिकारी ने बताया, "लैंडर एक ही आकार में है, टुकड़ों में नहीं टूटा है. ये चांद पर झुकी हुई स्थिति में मौजूद है." इसरो ने कहा है कि विक्रम लैंडर के साथ संचार स्थापित करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)