वर्धा : PM को चिट्ठी लिखने पर हिंदी विश्वविद्यालय ने 6 छात्रों को निकाला

वर्धा : PM को चिट्ठी लिखने पर हिंदी विश्वविद्यालय ने 6 छात्रों को निकाला
नई दिल्ली. महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (MGAHV) पढ़ाई के लिए कम और विवादों के लिए ज्यादा जाना जाता है. इस विश्वविद्यालय की स्थापना जब से हुई है, यह विवादों में रहा है. कभी छात्रों को फर्जी माइग्रेशन (Fake migration) जारी करने के लिए तो कभी शोधार्थियों के निष्काशन के लिए.

इस बार महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में बीएसपी के संस्थापक कांशीराम (Kanshiram) के 13वें परिनिर्वाण दिवस मनाने और देश की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखे जाने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने छह शोधार्थियों को निष्काशित कर दिया है. विश्वविद्लाय ने बकायदा इसके लिए नोटिस जारी किया है, इसमें छात्रों के निष्काशन का कारण बताया गया है.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कहा
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हैं, जिसको लेकर आचार संहिता लागू है. ऐसे में इन छात्रों ने आचार संहिता का उल्लंघन किया और कैंपस के अंदर राजनीतिक धरना दिया. साथ ही न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया, जिस कारण विश्वविद्यालय से उन्हें निष्काशित किया जाता है. इसके बाद से विश्वविद्यालय परिषर में विभिन्न छात्र संगठन इसके विरोध में धरना दे रहे हैं. वर्धी से दिल्ली तक के बुध्दिजीवी छात्रों के समर्थम में उतर आये हैं और निलंबन वापस लेने की मांग कर रहे हैं.Wardha University, expels six students, for violating code of conduct, NODPS, वर्धा विश्वविद्यालय ने, आचार संहिता उल्लंघन, का हवाला देकर, छह छात्रों को किया निष्काशित

पीड़ित छात्रों ने यह बात कही
छात्रों का आरोप है कि एससी-एसटी और ओबीसी के छात्रों को यहां जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है और उनको पढ़ने नहीं दिया जा रहा. छात्रों का कहना है कि कैंपस के अंदर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को हर तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन बहुजन छात्रों को कोई भी कार्यक्रम करने की विश्वविद्लाय प्रशासन अनुमति नहीं देता. इसके बाद अगर हम आवाज उठाते हैं तो हमारे साथ ऐसा जुल्म किया जाता है. कभी किसी की पीएचडी कैंसिल कर दी जाती है तो कभी छात्रों का निष्काशन कर दिया जाता है.
'चोर गुरु' अनिल अंकित राय लगा चुके हैं साख को बट्टा
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय का विवादों से पुराना नाता रहा है. एक समय यहां के जनसंचार विभाग के प्रोफेसर अनिल अंकित राय 'चोर गुरु' के कारनामों को लेकर विश्वविद्यालय की काफी आलोचना हुई थी. इसकी खबर हमारे चैनल आईबीएन-7 ने बकायदा चलाई थी. जब चैनल के रिपोर्टर ने अनिल अंकित राय से इस बारे में बात करनी चाही तो अंकित भागे फिर रहे थे.

उन पर आरोप था कि चोर गुरु ने PHOTOGRAPHY PRINCIPLES AND PRACTICES नामक एक किताब लिखी थी. इसे श्रीपब्लिशर व डिस्ट्रीब्यूटर, दरियागंज, दिल्ली ने छापा था. इस किताब की खास बात यह है कि चोर गुरु ने तीन विदेशी किताबों के चैप्टर ही हूबहु अपनी किताब में उतार दिये थे. मामला प्रकाश में आने के बाद से विश्वविद्यालय और चोर गुरु की खूब आलोचना हुई थी.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)