कांग्रेस-राकंपा ने सपा, पीआरपी और वीबीए को दी इतनी सीटें

कांग्रेस-राकंपा ने सपा, पीआरपी और वीबीए को दी इतनी सीटें
मुंबई. कांग्रेस (Congress) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (SP), पीपुल्स रिपब्लिकन पार्टी (PRP) और लक्ष्मण माने की अध्यक्षता वाले वंचित बहुजन अगाड़ी (VBA) गुट के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया है. गठबंधन का फैसला महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार के आवास पर हुई बैठक में लिया गया. इस मौके पर अन्य नेताओं के साथ राकांपा के अजीत पवार और धनन्जय मुंडे, कांग्रेस के पृथ्वीराज चह्वाण, माणिक राव ठाकरे और बालासाहेब थोराट भी मौजूद रहे.

एक कांग्रेस नेता ने कहा कि तीनों छोटी पार्टियों को कम से कम 20 सीटें दी जाएंगी. उन्होंने कहा, ‘‘ उनकी मांग प्रत्येक को दस सीट देने की थी. हम उन्हें एक साथ 20 सीटें देंगे. कौन सी सीट उन्हें देनी है, इस पर काम कर रहे हैं.’’

कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में पहले ही हो चुका है गठबंधन
उल्लेखनीय है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का पहले ही गठबंधन हो चुका है लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा-शिवसेना को हराने के लिए वे छोटी-छोटी पार्टियों को भी एक साथ लाने की कोशिश कर रही हैं. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 125-125 सीटों पर लड़ने का फैसला किया है. महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं.प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं सूबे के 40 प्रतिशत वोटर
इससे पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) में जल्द होने वाले विधानसभा चुनावों (Elections) को लेकर जहां एक तरफ चुनाव आयोग बैठकें कर रहा है, लेकिन न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में चुनाव टालने के लिए जनहित याचिका दायर कर दी गई है. जनहित याचिका के अनुसार महाराष्ट्र का एक बड़ा इलाका बाढ़ के साथ ही सूखे की चपेट में है और ऐसे में सूबे के 40 प्रतिशत वोटर इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं. ऐसे में यदि चुनाव होते हैं तो परिणामों पर विपरीत असर पड़ सकता है. याचिका में कहा गया है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के संबंध में हाईकोर्ट इसे टालने का आदेश दे.

महाराष्ट्र के कई इलाकों में हैं बाढ़ के हालात
बता दें कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं. लगातार बारिश के चलते करीब 150 गांवों में कुछ समय पहले हजारों की संख्या में लोग फंस गए थे जिनके लिए रेस्‍क्यू अभियान चलाया गया था. वर्तमान में भी सूबे के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है. मुंबई में ही तेज बारिश के चलते जलभराव और इमारतों के गिरने जैसी समस्याओं से लोग आए दिन रूबरू हो रहे हैं.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)