मोदी सरकार 2.0: 100 दिनों में साबित कर दिया यहीं हैं राजनीति के असली 'शंह' शाह

मोदी सरकार 2.0: 100 दिनों में साबित कर दिया यहीं हैं राजनीति के असली 'शंह' शाह

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अगुवाई में पूर्ण बहुमत के साथ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में बीजेपी (BJP) की सरकार चल रही है. 24 मई 2019 को घोषित हुए लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के रिजल्ट में जब बीजेपी (BJP) पिछली बार से ज्यादा बड़े बहुमत के साथ सत्ता में आई तभी साफ हो गया था कि यह सरकार अब और भी ज्यादा आत्मविश्सास से देशहित में फैसले लेगी. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिनों में यह अनुमान सही साबित होता दिखा है. यूं तो इस सरकार की अच्छाई और बुराई दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नाम जाएगा लेकिन जहां तक मोदी सरकार 2.0 में लिए गए बड़े फैसलों की बात है तो इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) पूरी कैबिनेट के 'शंह' शाह साबित हुए हैं. बतौर गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने देशहित में इतने बड़े-बड़े मुद्दों को चुटकियों में सुलझा दिया जिसके लिए कई दशकों से माथापच्ची चल रही थी. आइए अमित शाह (Amit Shah) के 100 दिनों में लिए गए बड़े फैसलों पर एक नजर डालते हैं.

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 की समाप्ति
बतौर गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की 100 दिनों के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को निष्क्रिय किया जाना है. अमित शाह (Amit Shah) ने संसद में प्रस्ताव लाकर जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म करा दिया. साथ ही जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया. सबसे बड़ी बात यह है कि उनके इतने बड़े फैसले के बाद भी पूरे राज्य में हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई. साथ ही जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विकास की नई कहानी शुरू हो चुकी है. जम्मू कश्मीर के लिए आर्टिकल 370 एक ऐसा मामला था जो पिछले 70 साल से परेशानी का सबब बना हुआ था. इस आर्टिकल के सहारे कुछ खास राजनीतिक घराने के लोग अपनी संपत्ति बढ़ाते रहे.

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असम में एनआरसी की लिस्ट जारी करवाई
असम में बड़े पैमाने पर लोग बांग्लादेश सहित पड़ोसी देशों से आकर बस गए हैं. इन्होंने यहां का राशनकार्ड, आधार कार्ड तक बनवा लिया है. इस वजह से लाभकारी योजनओं का लाभ असम के मूल लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने साहस दिखाते हुए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) लिस्ट जारी करवाई. साथ ही देश को भरोसा दिया कि किसी भी बाहरी को इस देश में टिकने नहीं दिया जाएगा, उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा.

चार बड़े आतंकियों को UAPA कानून के तहत आतंकी घोषित किया
मोदी सरकार 2.0 के पहले 100 दिनों में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और लश्कर-ए-तैयबा संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद को संशोधित UAPA कानून के तहत आतंकी घोषित कराने में सफल रहे. इसके अलावा न्यूयॉर्क आधारित 'सिख्स फॉर जस्टिस' को इसी कानून के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया।

यहां आपको याद दिला दें कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अमित शाह (Amit Shah) को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. शाह की मजबूत प्लानिंग के चलते बीजेपी (BJP) इस राज्य में अकेले दम पर 80 में से 71 लोकसभा सीटें जीतने में सफल रही थी. दो और सीटें बीजेपी (BJP) की सहयोगी के खाते में गई थी. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा था कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) की जीत को जब कभी याद करेगी तब अमित शाह (Amit Shah) को मैन ऑफ द मैच माना जाएगा. 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद पीएम मोदी ने अमित शाह (Amit Shah) को गृह मंत्रालय जैसा अहम ओहदा सौंपा तो उन्होंने इतने कम समय में देश को कई बड़ी परेशानियों से बाहर निकाल दिया.


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Zee News.)