तेजस 'अरेस्‍ट लैंडिंग टेस्‍ट' में पास, एक कदम और बढ़ाया तो भारत रच देगा इतिहास

तेजस 'अरेस्‍ट लैंडिंग टेस्‍ट' में पास, एक कदम और बढ़ाया तो भारत रच देगा इतिहास
नई दिल्‍ली:  युद्धक विमान (Light Combat Aircraft) तेजस ने एक बड़ी उपलब्‍धि हासिल की है. तेजस देश में बना पहला ऐसा विमान बन गया है, जिसने arrested landing करने में सफलता हासिल की है. इसके साथ ही अब इसने  विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्‍‍‍य पर लैंडिंग की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है.

इसके बाद इसे इसे नेवी में शामिल किया जा सकता है. इस लैंडिंग के तहत बहुत कम दूरी में एयरक्राफ्ट को सुरक्षित लैंडिंग करनी होती है. इसमें सफलता हासिल करते ही इसे एयरक्राफ्ट कैरियर पर उतारा जा सकता है.

शुक्रवार को इसका परीक्षण गोवा के तट पर किया गया. यहां की कंडीशन ठीक वैसी ही थीं, जैसी आमतौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर पर होती हैं. वहां पर बहुत कम जगह में एक छोटी डेक पर एयरक्राफ्ट को लैंडिंग करनी होती है.

छठा देश बन सकता है भारत
अरेस्‍टेड लैंडिंग (arrested landing) करने वाला भारत चुनिंदा देश बन सकता है. अभी तक सिर्फ अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और हाल में चीन में बने एयरक्राफ्ट ही इस लैंडिंग को अंजाम दे सके हैं. अब इस क्‍लब में भारत भी शामिल हो गया है.



गोवा के समुद्री तट पर बार-बार इसे दोहराया जाएगा. इसमें सफल होने पर ही साबित होगा कि LCA-N (Light Combat Aircraft- Navy) किसी भी विमानवाहक पोत के डेक पर 'अरेस्टेड लैंडिंग' के दबाव को झेल सकता है. परीक्षण सफल होने पर इसे भारत के एकमात्र ऑपरेशनल विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य पर लैंड कराया जाएगा.

विमान को INS विक्रमादित्य के डेक पर पहुंचाने के लिए LCA-N के इंजीनियरों और पायलटों को इस बात के लिए आश्वस्त होना होगा कि विमान 7.5 मीटर प्रति सेकंड (1,500 फुट प्रति मिनट) के 'सिंक रेट' (नीचे आने की गति) से क्षतिग्रस्त हुए बिना पोत पर पहुंच सकता है. प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों तथा पायलटों को भरोसा है कि वे लैंडिंग सर्टिफिकेशन के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे.

(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)