धर्म में भी 'कमाना' चाह रहा पाक, भारत ने कहा- तीर्थयात्रा पर नहीं लगा सकते फीस

धर्म में भी 'कमाना' चाह रहा पाक, भारत ने कहा- तीर्थयात्रा पर नहीं लगा सकते फीस
भारत (India) ने गुरुवार को कहा कि उसने पाकिस्तान (Pakistan) से करतारपुर गलियारे (KartaarPur Coridoor) पर 'कुछ लचीलापन दिखाने' का आग्रह किया है. भारत ने कहा कि सीमा पार गलियारे का उपयोग करने के लिए सेवा शुल्क के रूप में प्रति तीर्थयात्री को 20 डॉलर का शुल्क देने के फैसले पर 'पुनर्विचार' करने की बात भी रखी गई है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (Mea Raveesh Kumar) ने कहा कि भारत पिछले सप्ताह सभी मुद्दों को हल करने के लिए 'खुले दिमाग' के साथ उच्च स्तरीय वार्ता के तीसरे दौर के लिए गया था.

कुमार ने कहा कि 'पाकिस्तान ने जोर देकर कहा कि वहां 20 डॉलर का शुल्क होना चाहिए. इस पर चर्चा नहीं की गई थी. तब हमने उनसे अनुरोध किया कि इस पर पुनर्विचार किया जाए. यह तीर्थयात्रियों के हित में है. जो तीर्थ यात्रा पर जा रहा है उससे आप शुल्क नहीं ले सकते.'

पंजाब के अटारी में हुई बैठककुमार ने कहा कि तीसरी संयुक्त सचिव स्तर की बैठक 4 सितंबर को पंजाब के अटारी में हुई, यह मूल रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने पर आधारित थी.

उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि सभी लंबित मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा. हालांकि हमें लगा कि वार्ता के दौरान पाकिस्तान का रुख कड़ा रहा. तीन ऐसे उदाहरण हैं जहां हमने कुछ लचीलापन दिखाने के लिए उनसे कहा.

कुमार ने कहा कि पाकिस्तान ने उन तीर्थयात्रियों की प्रारंभिक संख्या (10,000) जो भारत ने प्रस्तावित की थी, उनसे सहमत नहीं था. उन्होंने कहा, 'उनके द्वारा इस पर सहमति नहीं दी गई थी. उन्होंने आधारभूत संरचना में कुछ बाधाओं का हवाला दिया, लेकिन हमने उनसे इस पर कुछ लचीलापन दिखाने का अनुरोध किया.'
तय समय पर खुलेगा कॉरिडोर

कुमार ने कहा कि गलियारा तय समय पर खुलेगा और सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती समारोह के लिए सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाएगा.

इससे पहले, इस्लामाबाद में पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल से तीर्थयात्रियों से प्रस्तावित 20 डॉलर लेने के बारे में पूछा गया जिस पर उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा करतारपुर साहेब के परिसर में प्रवेश करने के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा.

फैसल ने एक ब्रीफिंग में कहा 'यह शुल्क केवल उस भारी खर्चे के लिए लिया जाएगा जो पाकिस्तान सरकार करतारपुर साहेब कॉरिडोर को पूरा करने और बनाए रखने के लिए और तीर्थयात्रियों को सेवाएं प्रदान करने में खर्च कर रही है. मैं इस बात पर जोर दूंगा कि हमारी सरकार जितना खर्च कर रही है यह (फीस) उसका एक हिस्सा भी नहीं है.'

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी जताई आपत्ति

इससे पहले पाकिस्तान की तरफ से करतारपुर गलियारे से होकर जाने वाले श्रद्धालुओं पर सेवा शुल्क लगाने के प्रस्ताव के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि वह पाकिस्तान पर शुल्क न लगाने के लिए दबाव डालें.

प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया है कि इस मामले के जल्द हल के लिए विदेश मंत्रालय द्विपक्षीय बैठकों में यह मुद्दा उठाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से सेवा शुल्क लगाने के लिए दिये जा रहे ज़ोर से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा जबकि बड़ी तादाद में श्रद्धालु इस बोझ को उठाने की क्षमता नहीं रखते.

(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)