हरियाणा: प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी, LKG, UKG जैसी कक्षाओं पर सरकारी डंडा, बंद करने के​ निर्देश

हरियाणा: प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी, LKG, UKG जैसी कक्षाओं पर सरकारी डंडा, बंद करने के​ निर्देश

हिसार: हरियाणा में प्राइवेट स्कूलों में चल रही नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाओं पर सरकारी डंडा चल गया है. हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से इस संबंध में निर्देश जारी कर कहा है कि राज्य में जहां भी अवैध रूप से ये कक्षाएं चल रही हैं, उन्हें बंद किया जाए. अगर फिर भी कोई नहीं मानता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हिसार में भी इस संबंध में आर्डर जारी कर दिए गए हैं. इस संबंध में स्वास्थ्य ​शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेशाध्यक्ष ब्रजपाल सिंह परमार ने मौलिक शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने जिक्र किया था कि हरियाणा प्रदेश में कक्षा 1 से 12वीं तक जिन्होंने मान्यता ले रखी हैं, वो अवैध रूप से नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की पढ़ाई करवा रहे हैं. 

हरियाणा में 8500 प्राइवेट स्कूल ऐसे हैं जिनमें अवैध रूप से ये कक्षाएं चल रही थीं लेकिन अब इन स्कूलों पर इस प्रकार की कक्षाएं चलाने पर तत्काल रोक लगा दी गई है. हिसार के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी धनपत राम के अनुसार विभाग की तरफ से पूरे प्रदेश के आला अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं. हिसार में इस पर कार्रवाई शुरू हो गई है. निर्देश मिलते ही हिसार के तमाम बीईओ यानि खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि इस संबंध में अपने अपने एरिया में कार्रवाई अमल में लाएं. बाकायदा सूची बनाई जाएगी और ऐसे स्कूलों पर विशेष निगरानी रहेगी. 

छोटी उम्र में बच्चों पर मानसिक दबाव डालना गलत
जिला मौलिक शिक्षा ​अधिकारी धनपत राम ने इन कक्षाओं पर होने वाले इस कार्रवाई के पीछे के तर्क के बारे में बताया कि 5 साल तक की उम्र में बच्चे का मानसिक विकास खेलकूद की गतिविधियों से होता है लेकिन जिस उम्र में बच्चे का मानसिक विकास खेल कूद इत्यादि के जरिए होना चाहिए उस उम्र में बच्चे को स्कूल भेजना एक तरह से उन पर मानसिक दबाव डालने वाला है. ऐसे में इस प्रकार का कदम उठाया गया है.

आंगनबाड़ी केंद्र और मान्यता ले चुके प्ले स्कूल रहेंगे
हालांकि हिसार के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी धनपत राम ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि समाज कल्याण विभाग से मान्यता ले चुके प्ले स्कूल जरूर चलेंगे. साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भी चलेंगे. उन्होंने कहा कि एलकेजी यूकेजी और नर्सरी वाले बच्चों को इन केंद्रों पर ही शिफ्ट के लिए आग्रह किया जाएगा. आपको बता दें कि 5 साल तक का उम्र का ऐसा पड़ाव होता है, जिसमें बच्चे का मानसिक विकास होना होता है लेकिन कई बार प्रतिस्पर्धा के चक्कर में अभिभावक अपने छोटी उम्र के बच्चे को ​ही स्कूल में पढ़ने के लिए भेजने लगते हैं लेकिन अब हरियाणा में ऐसे स्कूलों पर लगाम लगाने का सराहनीय कदम उठाया गया है. 


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Zee News.)