हरियाणा चुनाव : कांग्रेस का घोषणापत्र- किसानों का कर्ज माफ, मास्टर्स बेरोजगारों को हर माह 10 हजार का वादा

हरियाणा चुनाव : कांग्रेस का घोषणापत्र- किसानों का कर्ज माफ, मास्टर्स बेरोजगारों को हर माह 10 हजार का वादा

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 (Haryana Assembly Elections 2019) के लिए कांग्रेस (Congress) ने अपना घोषणापत्र (Manifesto) जारी कर दिया है. हरियाणा में किसानों और महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए कांग्रेस (Congress) ने घोषणापत्र (Manifesto) में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा की है. इसके अलावा पार्टी ने मॉब लींचिंग को रोकने के लिए एक मजबूत कानून लाने का वादा भी किया. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Singh Hudda) के नेतृत्व वाली कांग्रेस (Congress) ने 2014 के विधानसभा चुनावों तक एक दशक तक राज्य की सत्ता संभाली थी. पार्टी ने राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया है.

कांग्रेस (Congress) ने किसानों से कर्जमाफी का किया वादा
कांग्रेस (Congress) ने किसानों से वादा किया कि सत्ता में आने पर वह उनके ऋणों को माफ कर देगी. पार्टी ने कहा कि इसका लाभ भूमिहीन किसानों को भी प्रदान किया जाएगा. पड़ोसी राज्य पंजाब की तर्ज पर, जहां कांग्रेस (Congress) सत्ता में है, पार्टी ने घोषणा की कि वह उन किसानों को मुफ्त बिजली प्रदान करेगी, जिनके पास दो एकड़ तक जमीन है.

फसल खराब होने पर प्रति एकड़ 12,000 रुपये देने का किया वादा
पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, हुड्डा व राज्य इकाई की अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने 22 पेज का घोषणापत्र (Manifesto) संयुक्त रूप से जारी किया. घोषणापत्र (Manifesto) में कहा गया, "सूखे व अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने पर हम किसानों को प्रति एकड़ 12,000 रुपये का मुआवजा देना सुनिश्चित करेंगे." महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं और नागरिक निकायों में 50 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया.

मास्टर्स बेरोजगारों को 10 हजार रुपए हर माह देने का वादा
विधवा, विकलांग, तलाकशुदा और अविवाहित महिलाओं के लिए पार्टी ने प्रति माह 5,100 रुपये की पेंशन देने का वादा किया. शैलजा ने कहा कि पार्टी ने अनुसूचित जाति और अत्यंत पिछड़े वर्ग के छात्रों को पहली से 10वीं कक्षा तक की वार्षिक छात्रवृत्ति 12,000 रुपये और कक्षा 11 से 12 तक के छात्रों के लिए 15,000 रुपये देने का भी वादा किया है. इसी के साथ बेरोजगार स्नातकोत्तर (मास्टर्स) को प्रति माह 10,000 रुपये मिलेंगे, जबकि स्नातक करने वाले बेरोजगारों को सात हजार रुपये प्रति माह भत्ता देने का वादा किया गया है. शैलजा ने कहा, 'हम क्षमताओं के आधार पर हर परिवार को एक नौकरी प्रदान करेंगे.'


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Zee News.)