सीएम कोई भी हो, लेकिन हरियाणा में जाट के ही होंगे ठाठ

सीएम कोई भी हो, लेकिन हरियाणा में जाट के ही होंगे ठाठ
नई दिल्ली. कहते हैं कि हरियाणा में मुख्यमंत्री कोई भी हो, लेकिन ठाठ तो जाट (Jat) के ही होंगे. इस प्रदेश को जाट लैंड भी ऐसे ही थोड़े कहा जाता है. यही वजह है कि पार्टी कोई भी हो, लेकिन टिकट वितरण वोट बैंक (Vote Bank) को देखकर ही करती हैं. अगर मौजूदा हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) के टिकट वितरण को ही देखें तो जेजेपी (JJP) ने 34, कांग्रेस (Congress) ने 27 और बीजेपी (BJP) ने 20 जाट उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है.

पंजाबियों को कांग्रेस ने सिर्फ दो टिकट दी

कांग्रेस ने अपने एक पुराने वोटबैंक पंजाबी (Punjabi) को नाराज कर लिया है. वजह ये है कि पिछली बार पंजाबी बीजेपी की ओर शिफ्ट कर गए थे. इसलिए इस बार कांग्रेस ने सिर्फ दो पंजाबियों को टिकट दी है. यहां तक कि पानीपत जैसी पंजाबियों की पारंपरिक सीट पर उसने पंजाबी को टिकट नहीं दी. फरीदाबाद में एक टिकट हमेशा पंजाबी को मिलती थी लेकिन इस बार उसने किसी पंजाबी को टिकट नहीं दी. इसे केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बाकायदा मुद्दा बना दिया है. कह रहे हैं कि पंजाबियों की उपेक्षा कांग्रेस को भारी पड़ेगी.

इसीलिए वो बड़खल से अपनी प्रत्याशी पंजाबी समाज से आने वाली सीमा त्रिखा को साथ लेकर कांग्रेस के सबसे पुराने पंजाबी नेताओं में से एक पूर्व मंत्री एसी चौधरी के घर समर्थन मांगने पहुंच गए. चौधरी कांग्रेस नेतृत्व से नाराज हैं. बीजेपी ने 9 पंजाबियों को मैदान में उतारा है.राजपूत समाज को किसने दी कितनी टिकट 

कांग्रेस ने राजपूत (Rajput) समाज को भी इस बार टिकट वितरण में साइडलाइन कर दिया है. पार्टी ने इस समाज के सिर्फ 2 लोगों को टिकट दिया है. जबकि बीजेपी इस समाज के 4 प्रत्याशियों को चुनाव लड़वा रही है. जेजेपी ने सिर्फ एक राजपूत पर भरोसा किया है.

हरियाणा में सत्ता किसी की भी रही हो, लेकिन जाट सभी सरकार के एजेंडे में रहते है. (Demo Pic)
वैश्य समाज

वैश्य (Bania) समाज बीजेपी का पारंपरिक वोटर रहा है इसलिए पार्टी ने इसके 9 प्रत्याशियों पर दांव लगाया है. दूसरी ओर कांग्रेस ने 5 और जेजेपी ने इस समाज के 4 लोगों को टिकट दिया है. बीजेपी ने सबसे ज्यादा 7 ब्राह्मणों (Brahmin)  को टिकट दी है. इसके मुकाबले जेजेपी ने 6 और कांग्रेस 5 लोगों को टिकट दी है.

मुस्लिमों और अनुसूचित जाति पर किसका दांव

मुस्लिमों (Muslim) को सबसे ज्यादा 6 टिकट कांग्रेस ने दी है. 4 लोगों को जेजेपी ने और 3 को बीजेपी ने मैदान में उतारा है. जबकि गुर्जर समाज के 6-6 लोगों को जेजेपी और कांग्रेस ने और 5 को बीजेपी ने टिकट से नवाजा है. हालांकि यादव समाज के मामले में सबने बराबरी की है. इन तीनों पार्टियों ने तीन-तीन टिकट दी है. बीजेपी ने अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) के लोगों को 17 टिकट दी है. कांग्रेस और जेजेपी ने 18-18 टिकट दी है.

हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ भारद्वाज का कहना है कि हरियाणा में हर चौथा आदमी जाट है. इसीलिए हर एक पार्टी सबसे ज्यादा टिकट जाटों को ही देती है. ये एक बड़ा कारण है कि गैर जाटों की राजनीति करने वाली बीजेपी ने भी जाटों को 20 टिकट दी हैं. तो जाहिर है कि विधानसभा में जो सबसे ज्यादा चुनकर आएंगे वो जाट ही होंगे.

 

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)