जल्द पूरा होगा मां वैष्णो देवी के भक्तों का सपना, मंदिर के लिए तैयार हो रहा सोने का द्वार

जल्द पूरा होगा मां वैष्णो देवी के भक्तों का सपना, मंदिर के लिए तैयार हो रहा सोने का द्वार

जम्मू: विश्व भर से सालाना लाखों की संख्या में मां वैष्णो देवी (Vaishno Devi) के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. जल्द ही श्रद्धालुओं (Devotees) को विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल वैष्णो देवी भवन पर मां वैष्णो देवी की प्राचीन गुफा (cave) के प्रवेश द्वार के स्वर्णिम दर्शन उपलब्ध होंगे. जिस पर काम जोरशोर से जारी है. आपको बता दें कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (Vaishno Devi Shrine Board) द्वारा मां वैष्णो देवी की प्राचीन गुफा के प्रवेश द्वार को स्वर्ण युक्त बनाया जा रहा है. श्रद्धालुओं को मां वैष्णो देवी (Mata Vaishno Devi) के अलौकिक दर्शनों के साथ हुई प्रवेश द्वार के स्वर्णिम दर्शन भी होंगे जिसको लेकर माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तैयारियां अंतिम चरण (last phase) में है और श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के अलौकिक दर्शनों के साथ ही इस स्वर्णिम प्रवेश द्वार के दीदार भी कर सकेंगे. बीते कई वर्षों से मां वैष्णो देवी के भक्तों का यह सपना था जो अब पूरा होने जा रहा है.

इस स्वर्णिम प्रवेश द्वार में विभिन्न देवी-देवताओं के चित्र अंकित होंगे. मां वैष्णो देवी (Mata Vaishno Devi) के इस स्वर्णिम प्रवेश द्वार पर गुबंद के साथ ही तीन सोने के झंडे तथा विशाल स्वर्णयुक्त छत्तर होगा तो वहीं मां वैष्णो देवी के नौ रूपी स्वर्ण युक्त चित्र अंकित होंगे. जिनमें महागौरी, सिद्धिदात्री, कालरात्रि, चामुंडा, ब्रह्मचारिणी आदि प्रमुख हैं. वहीं प्रवेश द्वार के दाएं तरफ महालक्ष्मी (Mahalaxmi) का करीब 6 फीट लंबा स्वर्णयुक्त चित्र अंकित होगा.

इसी तरह दाएं तरफ स्वर्ण युक्त मां वैष्णो देवी (Mata Vaishno Devi) की आरती (Aarti) होगी. स्वर्ण युक्त प्रवेश द्वार के मध्य में करीब 25 किलो की सोना (Gold) व चांदी (silver) युक्त घंटी होगी. इसी तरह स्वर्ण युक्त इस प्रवेश द्वार के भीतर त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ ही भगवान सूर्य देव के चित्र अंकित होंगे. साथ ही प्रवेश द्वार की ऊपरी सतह पर भगवान गणेश (Lord Ganesh) के साथ ही हनुमान (Hanuman) के स्वर्ण युक्त चित्र अंकित होंगे.

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प्रवेश द्वार को मजबूत बनाने के लिए सोने के साथ ही तांबा तथा चांदी का भी उपयोग हो रहा है. आपको बता दें कि आने वाले सालों-साल तक इस प्रवेश द्वार की चमक-दमक बरकरार रहे इसके लिए इस प्रवेश द्वार को मजबूती देने के लिए सोने के साथ ही चांदी तथा तांबे का उपयोग किया जा रहा है. जिसमें 1000 किलो तांबा तथा 1000 किलो चांदी के साथ ही करीब 10 किलो सोने का इस्तेमाल किया जा रहा है. ताकि सालों साल तक इस प्रवेश द्वार की मजबूती बनी रहे. जिसके लिए 20 के करीब विशेषज्ञ कारीगर अपनी सेवाएं दिन-रात दे रहे हैं. और वैष्णो देवी भवन पर ही इसके लिए विशेष वर्कशॉप बनाई गई है. जहां कारीगर लगातार इस स्वर्ण युक्त प्रवेश द्वार को समय पर तैयार करने में जुटे हुए हैं.


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Zee News.)