गोवा कांग्रेस ने भाजपा में जाने वाले विधायकों की पार्टी में वापसी पर रोक लगाई

गोवा कांग्रेस ने भाजपा में जाने वाले विधायकों की पार्टी में वापसी पर रोक लगाई
नई दिल्ली:

गोवा कांग्रेस ने शनिवार को एक प्रस्ताव पारित करके उन 13 विधायकों के पार्टी में फिर से शामिल करने पर रोक लगा दी है जो कुछ महीने पहले सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे. उनमें से कई को प्रमोद सावंत सरकार में मंत्री बनाया गया है. प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चोडनकर की अध्यक्षता में प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय किया गया. चोडनकर ने कहा कि इसी तरह के प्रस्ताव पार्टी की उत्तर और दक्षिण गोवा जिला समितियों ने भी पारित किए हैं. उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति को भेजा जाएगा. साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस सबसे बड़ा दल था और उसे 17 सीटें मिली थी, लेकिन कई विधायकों के भाजपा में चले जाने की वजह से आज उसके केवल पांच विधायक रहे गए हैं.  

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गौरतलब है कि गोवा में कांग्रेस के 10 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल किया था. मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए सहयोगी दल गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के तीन सदस्यों और एक निर्दलीय सदस्य को मंत्री पद से हटाया गया था. कांग्रेस के 10 विधायक कुछ दिन पहले ही बीजेपी में शामिल हो गए थे और इसके साथ ही 40 सदस्यीय सदन में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई थी. उनके समर्थन के बाद सावंत ने जीएफपी के मंत्रियों को हटाने का फैसला किया था. क्षेत्रीय पार्टी जीएफपी ने साल 2017 में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाई थी. मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्होंने जीएफपी के तीन विधायकों और एक निर्दलीय विधायक रोहन खुंटे से अपने-अपने मंत्री पदों से इस्तीफा देने को कहा था. बुधवार को भाजपा में शामिल होने वाले चंद्रकांत कावलेकर, फिलिप नेरी रोड्रिग्ज, एतानासियो मोन्सेराते तथा विधानसभा उपाध्यक्ष माइकल लोबो दोपहर बाद राजभवन में शपथ लेंगे.    

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सावंत ने बताया था कि चार मौजूदा मंत्रियों-उपमुख्यमंत्री विजय सरदेसाई, जल संसाधन मंत्री विनोद पालेकर, ग्रामीण विकास मंत्री जयेश सालगांवकर (सभी जीएफपी विधायक) और राजस्व मंत्री रोहन खुंटे (निर्दलीय) को मंत्रिमंडल से हटाया जाएगा. तीन महीने पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद से यह सावंत द्वारा मंत्रिमंडल में दूसरा फेरबदल था. पहले मंत्रिमंडल फेरबदल में सावंत ने एमजीपी से अलग हुए विधायक दीपक पुष्कर को मंत्री बनाया था. उस समय उपमुख्यमंत्री सुदिन धवलिकर को हटाया गया था. 

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सावंत ने बताया था कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है. जीएफपी अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री विजय सरदेसाई ने कहा था कि वे मैत्रीपूर्ण समाधान से इस संकट के हल की उम्मीद कर रहे हैं. सरदेसाई ने कहा था, ‘‘गोवा फॉरवर्ड पार्टी एनडीए का हिस्सा है और बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद वह सरकार में शामिल हुई थी.''

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