शेहला राशिद ने 6 महीने में ही किया राजनीति छोड़ने का किया ऐलान, बताई ये वजह

शेहला राशिद ने 6 महीने में ही किया राजनीति छोड़ने का किया ऐलान, बताई ये वजह
नई दिल्ली: सात महीने पहले जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir)  में सक्रिय राजनीति में कदम रखने वालीं जेएनयू (JNU) की पूर्व स्टूडेंट लीडर शेहला राशिद (Shehla Rashid) ने अब इसे छोड़ने का ऐलान किया है. बुधवार को उन्होंने राजनीति छोड़ने के ऐलान के साथ ही कहा, वह कश्मीर में लोगों के हो रहे "दमन" के बाद राजनीति नहीं कर सकतीं. शेहला राशिद (Shehla Rashid) ने इसी साल मार्च में आईएएस की नौकरी छोड़ राजनीति करने उतरे शाह फैजल (Shah Faesal) के साथ जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट को ज्वाइन किया था.

सोशल मीडिया पर अपने बयान में शेहला राशिद (Shehla Rashid) ने कहा, मैं कश्मीर में अपने आपको चुनावी राजनीति से अलग करती हूं. जम्मू कश्मीर में 24 अक्टूबर को ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव होने जा रहे हैं. हालांकि वहां पर 5 अगस्त से कई पाबंदियां लगी हुई हैं. केंद्र सरकार ने दो महीने पहले जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करते हुए उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था.



शेहला राशिद ने इस चुनावी प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिए.  शेहला राशिद ने कहा, मैं एक एक्टिविस्ट के तौर पर जहां भी जरूरत होगी, वहां पर अपनी आवाज उठाती रहूंगी. मैं अपनी ऊर्जा सुप्रीम कोर्ट में उस याचिका में लगाऊंगी, जिससे जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस हो सके और दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला पलटा जा सके.शेहला ने कहा, मैंने राजनीति इसलिए ज्वाइन की थी, ताकि बदलाव ला सकूं और कश्मीर समस्या का हल लोगों की इच्छा के मुताबिक हो सके. उन्होंने दावा किया कि घाटी के नेताओं को जबर्दस्ती चुनाव लड़ने के लिए कहा जा रहा है. उनसे कहा जा रहा है कि सामान्य स्थितियों के लिए चुनाव में हिस्सा लें.

(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)