चक्रवात ‘बुलबुल’ से पश्चिम बंगाल में भारी तबाही, अब तक 8 लोगों की मौत

चक्रवात ‘बुलबुल’ से पश्चिम बंगाल में भारी तबाही,  अब तक 8 लोगों की मौत
कोलकाता. चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ (Bulbul Cyclone) पश्चिम बंगाल (West Bengal) दस्तक दे चुका है. रविवार सुबह तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश (Heavy raina) हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों और राज्य के तटीय जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. बुलबुल तूफान के कारण बंगाल में अब तक आठ लोगों की मौत (Death) हो चुकी है.

जानकारी के मुताबिक, बशीरहाट और उत्तर 24 परगना जिले (North 24-Parganas) में बारिश से जुड़ी घटनाओं में जिन आठ लोगों की मौत हुई है, उनमें बशीरहाट और हिंगलगंज में दो-दो, जबकि संदेशखाली, गोसाबा और नंदीग्राम में तीन महिलाओं ने अपनी जान गंवा दी.

ममता बनर्जी ने यात्रा की रद्द
चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले सप्ताह उत्तर बंगाल की अपनी यात्रा रद्द करने का फैसला किया है. वह सोमवार को नामखाना और बक्खाली के आस-पास प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगी.पीएम मोदी ने ममता से की बात
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की और इस आपदा से निपटने के लिए राज्य को हर संभव मदद का आश्वासन दिया. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘चक्रवात की स्थिति और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश के मद्देनजर उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की.’

इन लोगों की हुई मौत
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार जिले में पुरबा मकाला गांव में सुचित्रा मंडल (65) पर एक पेड़ गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई. इसी तरह की एक घटना में गोखना गांव में कई पेड़ उखड़ गये, इनमें एक पेड़ की चपेट में आने से 47 वर्षीय महिला रेबा बिस्वास और एक क्लब कर्मचारी की मौत हो गई. अधिकारी ने बताया कि जिले में एक लैम्प पोस्ट के संपर्क में आने से बिजली का झटका लगने से मनिरुल गाजी (50) की भी मौत हो गई. इनके अलावा रेबा बिस्वास (48), प्राकृति मंडल (60), बिदेशी सरदार (60), कमला मंडल (82) और सुजाता दास (27) नाम की महिलाओं की मौत हो गई.

कोलकाता में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. दक्षिण एवं उत्तर 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिलों के आस-पास के इलाकों में 165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली. चक्रवात ने वहां शनिवार करीब मध्यरात्रि दस्तक दिया था. सैकड़ों पेड़ों के उखड़ने से शहर के कई हिस्सों में सड़कें जाम रहीं, हालांकि खराब मौसम के बावजूद कई लोग रविवार को अपने-अपने घरों से निकले.

राहत-बचाव में जुटी एनडीआरएफ
कोलकाता नगर निगम (केएमसी), पुलिस और दमकल कर्मियों के साथ एनडीआरएफ गिरे हुए पेड़ों और टहनियों के कारण जाम हुई सड़कों को साफ करने में जुटा है. केएमसी के एक अधिकारी ने बताया, ‘हमने कर्मियों को सड़कों को साफ करने और निचले इलाकों से जल निकासी के काम में लगाया है. हमें उम्मीद है कि यह काम रात तक खत्म हो जायेगा.’

भारी बारिश का अनुमान
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार सुंदरबन धानची वन के करीब पहुंचने से पहले बेहद गंभीर चक्रवातीय तूफान कमजोर होकर गंभीर चक्रवातीय तूफान में तब्दील हो गया. मौसम विभाग ने उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर और नादिया जिलों में दोपहर साढ़े 12 बजे से अगले छह घंटे से अधिक समय तक मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है.

(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)