दिब्‍येंदु मजूमदार का नहीं है अब डेंटल काउंसिल से नाता, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने जारी किया निर्देश

दिब्‍येंदु मजूमदार का नहीं है अब डेंटल काउंसिल से नाता, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने जारी किया निर्देश

नई दिल्‍ली: केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) को निर्देश जारी कर कहा है कि इसके प्रेजीडेंट और सदस्‍य डॉ दिब्‍येंदु मजूमदार के 65 वर्ष की आयु सीमा पूरी करने के साथ ही वह परिषद से संबद्ध नहीं हैं. इस संबंध में मंत्रालय ने डीसीआई से ये सुनिश्चित करने को कहा है कि मजूमदार को पद से जुड़े आधिकारिक कर्तव्‍यों का निर्वहन करने से रोका जाए और संबंधित फाइलें उपलब्‍ध नहीं कराई जाएं. मंत्रालय ने अपने पत्र में डीसीआई से तत्‍काल प्रभाव से इस दिशा में कदम उठाने को कहा गया है.

दरअसल केरल डेंटल काउंसिल के अध्‍यक्ष और डीसीआई के सदस्‍य शाजी के जोसेफ ने इस साल 15 जुलाई को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय को पत्र लिखकर सूचित किया था कि अधिकतम 65 साल की आयु सीमा तक कोई परिषद का सदस्‍य रह सकता है और मजूमदार 10 जुलाई को 65 साल के हो गए थे लेकिन इसके बावजूद उन्‍होंने डीसीआई के अध्‍यक्ष और सदस्‍य का पद नहीं छोड़ा. लिहाजा नियमों को धता बताते हुए पद पर बने रहने के कारण मजूमदार को हटाया जाना चाहिए. उन्‍होंने परिषद में हुई अनियमतिताओं की जांच के लिए जांच कमीशन के गठन की भी मांग की थी.

इस शिकायत के बाद मंत्रालय ने डीसीआई से स्‍पष्‍टीकरण मांगा था. उसके बाद 11 सितंबर को डीसीआई सचिव को लिखे पत्र में मंत्रालय ने कहा कि डेंटिस्‍ट एक्‍ट, 1948 के तहत हर यूनिवर्सिटी की डेंटल फेकल्‍टी का एक सदस्‍य डीसीआई का मेंबर होगा. MDS कोर्सेज रेग्‍युलेशन, 2017 के अधीन किसी व्‍यक्ति की नियुक्ति की अधिकतम आयु सीमा 65 साल है. इस कारण संबंधित व्‍यक्ति के 65 साल पूरा होने की स्थिति में उसकी सेवाएं समाप्‍त मानी जाएंगी.


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Zee News.)