कश्मीर के सैकड़ों लोगों का हवाला दे शाह फैसल ने वापस ली हिरासत के खिलाफ याचिका

कश्मीर के सैकड़ों लोगों का हवाला दे शाह फैसल ने वापस ली हिरासत के खिलाफ याचिका
नयी दिल्ली. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की नौकरी छोड़कर राजनीति में आये शाह फैसल (Shah Faesal) ने अपनी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका वापस लेने की अनुमति मांगते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) से कहा कि जम्मू-कश्मीर के सैकड़ों निवासियों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया है और उनके पास कोई कानूनी सहायता उपलब्ध नहीं है. दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें इसकी अनुमति भी दे दी है.

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पूर्व अधिकारी ने अदालत को बताया कि वह अपनी गैरकानूनी हिरासत के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas corpus) को आगे बढ़ाने की इच्छा नहीं रखते हैं क्योंकि हिरासत में लिये गए अधिकतर लोगों के पास कोई अधिवक्ता या अन्य कानूनी उपचार उपलब्ध नहीं है.

नहीं चाहते फैसल, उन्हें कोर्ट के सामने पेश होने का मिले अधिकार
केंद्र की ओर से अदालत में पेश हुए सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति मनमोहन एवं न्यायमूर्ति संगीता धींगरा सहगल को बताया कि वह याचिका वापस लेने के लिए फैसल की पत्नी की ओर से दायर हलफनामे की सामग्री को स्वीकार नहीं करते हैं.इस संबंध में फैसल की पत्नी की ओर से हलफनामा (Affidavit) दाखिल किये जाने के बाद उच्च न्यायालय ने पूर्व नौकरशाह को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी. फैसल की पत्नी ने उच्च न्यायालय को बताया कि वह हाल ही में उनसे हिरासत में मिली थीं और उसे बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका वापस लेने के निर्देश मिले हैं, जिसके तहत हिरासत में अथवा अवैध हिरासत में रखे गये व्यक्ति को अदालत के समक्ष पेश किया जा सके.

फैसल की पत्नी ने कहा, ‘‘10 सितंबर को मैं (पत्नी) याचिकाकर्ता (फैसल) से 11:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रीनगर (Srinagar) के शेर ए कश्मीर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस केंद्र में स्थित हिरासत केंद्र में मिली थी, जहां उन्हें रखा गया है. इस मुलाकात के दौरान मुझे याचिकाकर्ता की ओर से मौजूदा याचिका वापस लेने का स्पष्ट मौखिक संदेश मिला.’’

दिल्ली हवाई अड्डे से हिरासत में लेकर श्रीनगर ले जाया गया था
हलफनामे में कहा गया है, ‘‘याचिकाकर्ता ने मुझे बताया कि इस तथ्य के मद्देनजर कि जम्मू कश्मीर के सैकड़ों निवासियों को गैर कानूनी तरीके से हफ्तों से हिरासत (Detention) में रखा गया है और उन्हें अबतक रिहा नहीं किया गया है. इस तथ्य से अवगत होने के कारण कि इनमें से कई या अधिकांश के पास कोई कानूनी परामर्श या अन्य उपाय नहीं हैं, वह अब अपने अवैध हिरासत के खिलाफ कानूनी उपाय के रूप में वर्तमान याचिका को आगे बढ़ाने की इच्छा नहीं रखते हैं. इसलिए इस अदालत से अनुरोध किया जाता है कि वह याचिकाकर्ता को वर्तमान याचिका को वापस लेने की अनुमति दे.’’

फैसल की रिहाई के लिए उनके एक मित्र ने यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है. इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूर्व प्रशासनिक अधिकारी को 14 अगस्त को अवैध रूप से दिल्ली हवाई अड्डे (Indira Gandhi International Airport, Delhi) पर हिरासत में ले लिया गया जहां से उन्हें श्रीनगर लाया गया जहां वह हिरासत में रखे गए हैं.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)