राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख का दावा- मलविंदर, शिविंदर की कंपनी की कोई लेनदारी नहीं

राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख का दावा- मलविंदर, शिविंदर की कंपनी की कोई लेनदारी नहीं





नई दिल्ली. राधा स्वामी सत्संग ब्यास (आरएसएसबी) के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लन और उनके परिवार का कहना है कि उन पर मलविंदर और शिविंदर की कंपनी आरएचसी होल्डिंग्स का कोई बकाया नहीं है। ढिल्लन ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में यह दावा किया। ढिल्लन ने कहा कि आरएचसी होल्डिंग का दावा झूठा है। अदालत ने अब आरएचसी होल्डिंग्स से जवाब मांगा है। कंपनी ने ढिल्लन पर रकम बकाया होने का दावा किया था। अदालत ने दोनों पक्षों को एफिडेविट देकर दावे पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।

  1. अदालत ने जापानी दवा कंपनी दाइची सैंक्यो का 3,500 करोड़ रुपए का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड लागू करवाने के लिए ढिल्लन को निर्देश दिए थे कि आरएचसी की बकाया रकम जमा कराएं। रैनबैक्सी की डील के मामले में दाइची ने मलविंदर और शिविंदर के खिलाफ आर्बिट्रेशन अवॉर्ड जीता था।

  2. मलविंदर-शिविंदर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर हैं। 2008 में दाइची को रैनबैक्सी बेच दी थी। बाद में दाइची ने कहा कि सिंह बंधुओं ने रैनबैक्सी के बारे में अहम जानकारियां छिपाईं। दाइची ने सिंगापुर ट्रिब्यूनल में इसकी शिकायत की थी। ट्रिब्यूनल ने आर्बिट्रेशन अवॉर्ड के आदेश दिए थे। उसे लागू करवाने के लिए दाइची भारत में कानूनी लड़ाई लड़ रही है। सिंह बंधुओं ने कहा था कि राधा स्वामी सत्संग समेत कई लोगों पर बकाया होने की वजह से दाइची को भुगतान नहीं कर पा रहे।

  3. रेलिगेयर फिनवेस्ट कंपनी में 2397 करोड़ रुपए के फ्रॉड के मामले में शिविंदर-मलविंदर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की रिमांड पर हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने शुक्रवार को 4 दिन की रिमांड मंजूर की थी।









    1. शिविंदर सिंह (बाएं) और मलविंदर सिंह।






      (Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Bhaskar.)