नागरिकता संशोधन विधेयक समेत 6 अन्य बिलों को कैबिनेट ने दी मंजूरी

नागरिकता संशोधन विधेयक समेत 6 अन्य बिलों को कैबिनेट ने दी मंजूरी
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने छः बिलों को मंजूरी दी है.इस कैबिनेट मीटिंग में नागरिकता संशोधन बिल को मंजूरी दी गई. सूत्रों ने बताया कि 1955 के नागरिकता अधिनियम को संशोधन करने वाले इस विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई . विपक्षी दल इस विधेयक को बांटने वाला एवं साम्प्रदायिक बता रहे हें . इसे भाजपा की विचारधारा से जुड़े महत्वपूर्ण आयाम का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें शरणार्थी के तौर पर भारत में रहने वाले गैर मुसलमानों को नागरिकता देने का प्रस्ताव किया गया है . इनमें से ज्यादातर लोग हिन्दू हैं . इसके माध्यम से उन्हें उस स्थिति में संरक्षण प्राप्त होगा जब केंद्र सरकार देशव्यापी राष्ट्रीय नागरिक पंजी की योजना को आगे बढ़ायेगी .

बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सरकार सभी के हितों और भारत के हितों का ध्यान रखेगी . कुछ वर्गों द्वारा इसका विरोध किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लोग देश के हित में इसका स्वागत करेंगे . समझा जाता है कि सरकार इसे अगले दो दिनों में संसद में पेश करेगी और अगले सप्ताह इसे पारित कराने के लिये आगे बढ़ायेगी .

विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की है . नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर विरोध जताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बुधवार को कहा कि इससे संविधान का मूलभूत सिद्धान्त कमतर होता है.

थरूर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि विधेयक असंवैधानिक है क्योंकि विधेयक में भारत के मूलभूत विचार का उल्लंघन किया गया है. वो लोग जो यह मानते हैं कि धर्म के आधार पर राष्ट्र का निर्धारण होना चाहिए...इसी विचार के आधार पर पाकिस्तान का गठन हुआ.’’ उन्होंने कहा कि हमने सदैव यह तर्क दिया है कि राष्ट्र का हमारा वह विचार है जो महात्मा गांधी, नेहरूजी, मौलाना आजाद, डा. आंबेडकर ने कहा कि धर्म से राष्ट्र का निर्धारण नहीं हो सकता.’
इसी बैठक में निजी डेटा सुरक्षा बिल के साथ ही एस-एसटी आरक्षण की सीमा 10 साल और बढ़ाने की मंजूरी दी गई.

कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण संबंधी विधेयक को मंजूरी दी
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने माता पिता और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण एवं भरणपोषण संशोधन विधेयक 2019 को बुधवार को मंजूरी दे दी . इसमें वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा एवं कल्याण प्रदान करने की बात कही गई है . विधेयक में वरिष्ठ नागरिकों के मकसद से आश्रय गृह के पंजीकरण एवं रखरखाव के लिये न्यूनतम मानक सहित घरेलू सेवा प्रदाता एजेंसियों के पंजीकरण का प्रस्ताव किया गया है . केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है और अब इसे संसद में पेश किया जायेगा .

रेलवे क्षेत्र में जर्मनी के साथ संयुक्त आशय घोषणा की जानकारी
साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल को बुधवार को रेल के क्षेत्र में रणनीतिक परियोजनाओं पर सहयोग से संबंधित भारत और जर्मनी के बीच संयुक्‍त आशय घोषणा (जेडीआई) की जानकारी दी गई. संयुक्‍त आशय घोषणा (जेडीआई) पर पिछले महीने हस्‍ताक्षर हुए थे.

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, जर्मनी संघीय गणराज्‍य के आर्थिक मामलों तथा ऊर्जा मंत्रालय के साथ संयुक्‍त आशय घोषणा (जेडीआई) भारतीय रेल को रेलवे के क्षेत्र में नवीनतम विकास और ज्ञान को साझा करने का मंच उपलब्‍ध कराएगा. संयुक्‍त आशय घोषणा (जेडीआई) सूचनाओं के आदान-प्रदान, विशेषज्ञों की बैठक, सेमिनार तकनीकी दौरे तथा संयुक्‍त सहमति की सहयोगी परियोजनाओं के क्रियान्‍वयन की सुविधा प्रदान करेगा. रेल मंत्रालय ने विभिन्‍न विदेशी सरकारों व रेलवे के साथ रेल क्षेत्र में प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों/सहयोग ज्ञापनों/ प्रशासनिक व्‍यवस्‍थाओं/संयुक्‍त आशय घोषणा-पत्रों पर हस्‍ताक्षर किए हैं. सहयोग के इन क्षेत्रों में हाई स्‍पीड रेल, वर्तमान रेल मार्गों पर गति तेज करना, विश्‍वस्‍तरीय स्‍टेशनों का विकास, भारी वजन परिचालन, रेल अवसंरचना का आधुनिकीकरण आदि शामिल हैं .

भारत और मालदीव के चुनाव आयोगों के बीच एमओयू को मंजूरी दी
वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत निर्वाचन आयोग और मालदीव के चुनाव आयोग के बीच चुनाव प्रबंधन एवं प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग के लिए सहमति पत्र (एमओयू) को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी. इसमें चुनाव प्रक्रिया के संगठनात्मक और तकनीकी विकास के क्षेत्र में जानकारियों एवं अनुभव का आदान-प्रदान, सूचना साझा करने में सहयोग, संस्थागत मजबूती एवं क्षमता निर्माण, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और नियमित आधार पर विचार-विमर्श आदि शामिल हैं.

प्रस्तावित एमओयू द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देगा. इसका लक्ष्य मालदीव के चुनाव आयोग को तकनीकी सहायता/क्षमता निर्माण में सहायता देना, चुनाव प्रबंधन एवं प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग पर ध्यान देना है.

(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)