ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड्स की मीटिंग हुई, वन नेशन वन स्टैंडर्ड पर जोर

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड्स की मीटिंग हुई, वन नेशन वन स्टैंडर्ड पर जोर
नई दिल्ली:

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड्स की गुरुवार को हुई मीटिंग में वन नेशन वन स्टैंडर्ड की बात कही गई है. पूरे देश मे BIS का एक समान स्टैंडर्ड होगा. BIS ने इस मीटिंग में प्रजेंटेशन दिया कि कैसे वह स्टैंडर्ड, यानी मानक तय करते हैं. विभागों के अपने खुद के स्टैंडर्ड होते हैं. विभागों से कहा गया है कि BIS जो स्टैंडर्ड बनाए वह हर जगह मान्य हो पूरे देश में. BIS यानी भारतीय मानक ब्यूरो (The Bureau of Indian Standards) जो स्टैंडर्ड बनाए उसकी निगरानी की जाए कि उसे फॉलो किया जा रहा है या नही. देश में लगभग 20 हजार स्टैंडर्ड हैं.

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड्स (BIS) की बैठक में सुझाव आए. नीति आयोग से मेम्बर वीके पॉल भी मौजूद थे. मिनिस्ट्री ऑफ स्टील से सेक्रेटरी थे. कॉमर्स मिनिस्ट्री,हेल्थ मिनिस्ट्री,पॉवर मिनिस्ट्री,फ़ूड सेफ्टी के अधिकारी, केमिकल एन्ड फर्टिलाइजर और रोड ट्रांसपोर्ट मिलाकर 14 विभागों के अधिकारी इस मीटिंग में शामिल हुए.

टिप्पणियां

BIS का काम है स्टैंडर्ड बनाना. जो प्रोपोजल आते हैं उसे देखना और अगर बदलाव की जरूरत है तो उसे भी करना. BIS ने बुलेट फ्रूफ जैकेट बनाया है जो इंटरनेशनल लेवल का है. जवानों को प्रोटेक्शन देने के लिए सभी तरह का ध्यान रखा गया है.
ये डिफेंस फोर्सेज के साथ मिलकर बनाया गया है.  वजन कम हुआ है इस जैकेट का. साढ़े सात से आठ किलो में जैकेट बन जाती है. पहले 10 किलो की थी.35 हजार में एक जैकेट की कीमत है.


बताया गया कि पहले दूसरे देशों से आयात होती थी. अब 100 देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है. हेल्थ मिनिस्ट्री के साथ बैठक होगी कि पानी को लेकर क्या स्टैंडर्ड तय करना है. वीके पॉल,नीति आयोग के सदस्य अभी मानक वालन्टियरिली होता है, ये कम्पलसरी होना चाहिए. दूसरे देशों से अगर कुछ निर्यात करना हो तो उस पर भी मार्क लगाना जरूरी रखा जाए बीआईएस का. कोई जरूरी नहीं कि जो चीजें बाहर से आती हैं वे सही ही हों.


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Ndtv India.)