ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने तैयार किया कृत्रिम न्यूरॉन, यह हार्ट फेल और अल्जाइमर के इलाज में करेगा मदद

ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने तैयार किया कृत्रिम न्यूरॉन, यह हार्ट फेल और अल्जाइमर के इलाज में करेगा मदद

  • ब्रिटेन की बाथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं में सिलिकॉन चिप में तैयार किया न्यूरॉन
  • कृत्रिम न्यूरॉन को शरीर में इम्प्लांट की जाने वाली मेडिकल डिवाइस में किया जाएगा इस्तेमाल

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 05:40 PM IST

हेल्थ डेस्क. ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने कृत्रिम न्यूरॉन तैयार किया है। उनका दावा है कि सिलिकॉन चिप के रूप में तैयार इस न्यूरॉन से हार्ट फैल्योर, याद्दाश्त से जुड़ी बीमारी अल्जाइमर का इलाज किया जा सकेगा। इंसान के शरीर में करोड़ों न्यूरॉन पाए जाते हैं जिनका काम मस्तिष्क से सूचना का आदान-प्रदान और विश्लेषण करना है। इसका इस्तेमाल शरीर में इम्प्लांट की जाने वाली मेडिकल डिवाइस में किया जाएगा। इसे तैयार करने वाली बाथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि अत्यअधिक पावर वाले माइक्रो-प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जाएगा। 

इमरजेंसी में कारगर साबित होगा

नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, कृत्रिम न्यूरॉन वास्तव में शरीर में मौजूद न्यूरॉन की तरह नर्वस सिस्टम के इलेक्ट्रिक सिग्नल को जवाब देगा। यह उस समय सबसे कारगर साबित होगा जब प्राकृतिक न्यूरॉन काम करना बंद कर देते हैं। इसके अलावा स्पाइन कॉर्ड इंजरी की स्थिति में भी कृत्रिम न्यूरॉन फायदेमंद साबित होगा। 

बायो-सर्किट में आई खराबी को रिपेयर भी करेगा

कृत्रिम न्यूरॉन बायो-सर्किट में आई खराबी को रिपेयर भी कर सकेगा और शरीर में चल रहीं क्रियाओं को सामान्य रखने में मदद करेगा। जैसे हार्ट फेल की स्थिति में दिमाग में मौजूद न्यूरॉन हृदय तक सिग्नल नहीं पहुंचा पाते हैं इसलिए यह अंग रक्त पंप नहीं कर पाता। ऐसे मामलों में यह कारगार साबित होगा। 

दो तरह के कृत्रिम न्यूरॉन तैयार किए गए

शोधकर्ताओं ने फिलहाल अभी दो तरह के हिप्पोकैम्पल और रेस्पिरेट्री न्यूरॉन को तैयार किया है। इनमें एक दिमाग के हिप्पोकैम्पस हिस्से में पाया जाता है जो याद्दाश्त तेज रखने में अहम रोल निभाता है। दूसरा, रेस्पिरेट्री न्यूरॉन है जो सांसों को नियंत्रित करने में मदद करता है। 


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Bhaskar.)