कांग्रेस सरकार और नेताओं को वादा याद दिलाने भोपाल पहुंचे अतिथि विद्वान

कांग्रेस सरकार और नेताओं को वादा याद दिलाने भोपाल पहुंचे अतिथि विद्वान
भोपाल. मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के कॉलेजों में कार्यरत अतिथि विद्वान (Guest Teachers) अपनी अस्थाई नौकरी को नियमित करने की मांग को लेकर भोपाल में प्रदर्शन करने पहुंचे हैं. इंदौर से भोपाल तक पैदल ही आने वाले इन शिक्षकों ने अपने आंदोलन को 'न्याय यात्रा' (Nyay Yatra) का नाम दिया है. भोपाल के नीलम पार्क में धरना दे रहे प्रदेशभर के ढाई हजार शिक्षकों का कहना है कि पूर्ववर्ती भाजपा (BJP) शासनकाल में कांग्रेस पार्टी ने इनकी नौकरी नियमित (Job Regularisation) करने का वादा किया था. लेकिन कांग्रेस सरकार बने महीनों बीतने के बाद भी आज तक इन्हें न्याय नहीं मिला है. लिहाजा, मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamalnath) और उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) को चुनाव से पहले किया गया वादा याद दिलाने को ये अतिथि विद्वान भोपाल पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

4 अक्टूबर से शुरू हुई यात्रा
प्रदेशभर के अतिथि विद्वानों ने बीते 4 अक्टूबर को न्याय यात्रा शुरू की थी. इंदौर में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के निवास से शुरू हुई इस न्याय यात्रा के दौरान सभी 2500 शिक्षक पैदल मार्च करते हुए शनिवार को भोपाल पहुंचे. अतिथि विद्वानों का कहना है कि वे सरकार औऱ उच्च शिक्षा विभाग को अपना वचन याद दिलाएंगे. अतिथि विद्वानों ने कहा, 'कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि अतिथि विद्वानों को नियमित करेंगे. लेकिन अब तक अपना वादा पूरा नहीं किया है.' दरअसल, इन शिक्षकों को डर है कि एमपी-पीएससी (MPPSC) के तहत असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती होने के बाद पिछले 20 वर्षों से विभिन्न कॉलेजों में काम कर रहे ये अतिथि विद्वान बेरोजगार हो जाएंगे. इसलिए अपनी नौकरी बचाने को 2500 अतिथि विद्वान भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं.

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को उनका वादा याद दिलाना चाहते हैं अतिथि विद्वान.
पैरों में पड़ गए छाले
कांग्रेस सरकार को उसका वादा याद दिलाने पैदल यात्रा करने वाले अतिथि विद्वानों की भोपाल पहुंचने के बाद हालत खराब है. इंदौर से भोपाल तक की करीब 400 किलोमीटर पैदल चलने की वजह से कई शिक्षकों के पैर में छाले पड़ गए हैं. फिर भी इनका हौसला नहीं टूटा है. न्याय यात्रा में शामिल शिक्षकों का कहना है कि सरकार जब तक उनकी मांग पर कोई आश्वासन नहीं देती है, उनका धरना जारी रहेगा. पैदल चलने के अलावा कई महिला अतिथि विद्वानों ने केश-दान करने का भी फैसला किया है.

Guest Teachers Strike-Nyay Yatra-Kamalnath Government
इंदौर से पैदल ही भोपाल पहुंचने के कारण कई शिक्षकों के पैर में पड़ गए हैं छाले.
जीतू पटवारी ने कसा था तंज
आपको बता दें कि शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) सरकार के कार्यकाल में भी इन अतिथि विद्वानों ने आंदोलन किया था. उस समय पार्वती नामक महिला शिक्षक के केश-दान करने पर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए कहा था, 'शिव के राज में पार्वती का मुंडन हो रहा है'. शिक्षकों का कहना है कि भाजपा सरकार को कोसने वाले कांग्रेस नेता अपनी पार्टी की सरकार बनने के बाद वादा भूल गए है. इसलिए एक बार फिर कई महिला अतिथि विद्वानों ने केश-दान का निर्णय लिया है.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)