भोपाल नाव हादसे को लेकर रेवेन्यू इंस्पेक्टर पर गिरी गाज

भोपाल नाव हादसे को लेकर रेवेन्यू इंस्पेक्टर पर गिरी गाज
भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार की सुबह गणेश प्रतिमा विसर्जन (Ganesh idol immersion) के दौरान हुई नाव दुर्घटना में 11 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने घटना के लिए दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. देर शाम भोपाल के डीएम तरुण पिथोड़े (District Magistrate Traun Pithore) ने खटलापुरा विसर्जन घाट पर हुई नाव दुर्घटना के लिए प्रथम दृष्टया कार्य में लापरवाही पाए जाने पर एक राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया है. आदेश में कहा गया है कि तहसील कोलार में पदस्थ राजस्व निरीक्षक अनिल गव्हाणे को खटलापुरा विसर्जन घाट पर व्यवस्थाओं के लिए रात्रि 2 से विसर्जन समाप्ति तक के लिए नियुक्त किया गया था. लेकिन प्रारंभिक तौर पर पाया गया है कि राजस्व निरीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही की, जिसकी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ.

विसर्जन के दौरान हुआ हादसा
विसर्जन घाट पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान अचानक हुए हादसे में 11 लोग तालाब में गिर गए. घटना के बाद जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रतिमा के विसर्जन के तुरंत बाद नाव डगमगाने लगी, जिससे सभी 11 लोग संतुलन खोकर तालाब में गिर गए. भोपाल के डीएम ने घटना (Bhopal Boat Accident) की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. डीएम ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के आदेशों के तहत अपर जिला मजिस्ट्रेट सतीश कुमार एस को मजिस्ट्रीयल जांच अधिकारी नियुक्त किया है.

8 बिंदुओं पर होगी जांच
आदेश में कहा गया है कि घटना की जांच 8 बिन्दुओं पर होगी. जांच के तहत मृत्यु की सूचना पुलिस को कब मिली और पुलिस ने तत्काल क्या कार्रवाई की, घटना किन परिस्थितियों में हुई, क्या घटना के लिए कोई जिम्मेदार है, विसर्जन के दौरान ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या प्रयास किए गए थे- जैसे बिन्दुओं की जांच की जाएगी. इसके अलावा क्या मृत व्यक्तियों का पोस्टमॉर्टम कराया गया और बिसरा रिपोर्ट में क्या साक्ष्य मिले, इसकी भी विस्तृत जांच होगी. प्रशासनिक आदेश में कहा गया है कि स्थानीय नागरिकों की संपूर्ण घटनाक्रम में क्या भूमिका रही, इसकी भी पड़ताल की जाए. साथ ही ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो, इसको लेकर भी जांच में सुझाव दिए जाएंगे.

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नगर निगम कर्मियों पर भी गिर सकती है गाज
भोपाल नाव हादसे (Bhopal Boat Accident) में मौके पर मौजूद राजस्व निरीक्षक को निलंबित करने के अलावा दो नाव चालकों पर भी मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा बताया गया कि मामले को लेकर पुलिस और नगर निगम के कुछ कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है. एडीएम सतीश एस कुमार ने प्राथमिक जांच में पाया कि राजस्व निरीक्षक को प्रतिमा विसर्जन की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उसने ड्यूटी में लापरवाही दिखाई. इस बीच जहांगीराबाद पुलिस ने खटलापुरा हादसे में नाव चलाने वाले नाविक आकाश बाथम, चंगू बाथम, शुभम बादाम और अभिषेक को गिरफ्तार किया है.

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(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from News 18.)